धौलपुर से मुनेश धाकरे की रिपोर्ट

धौलपुर जिला न्यायालय से बुधवार को एक मुल्जिम सजा सुनाये जाने के बाद पुलिस कस्टडी से फरार हो गया.मुल्जिम के फरार हो जाने के बाद पुलिस महकमा में हड़कंप मच गया.न्यायालय परिसर में पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियो ने इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया,लेकिन मुल्जिम का कोई सुराग नहीं लगा सका.मामला यूं हैं कि जिले के पॉक्सो न्यायालय द्वारा आज बुधवार को दो सगे भाइयों को एक 15 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर उससे जबरन शादी करने के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद एक भाई पुलिस को चकमा देकर न्यायालय से फरार हो गया। मुल्जिम के फरार हो जाने से न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस के जवानों ने मुल्जिम को पकड़ने का भी प्रयास किया,लेकिन मुल्जिम रेलवे स्टेशन की तरफ झाड़ियों में फरार हो गया। न्यायालय से मुल्जिम के फरार होने की खबर लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल रेलवे स्टेशन की तरफ पहुंच गया। पुलिस ने शहर भर में नाकाबंदी भी कराई। लेकिन मुल्जिम का सुराग नहीं लग सका है। पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। 


जिसके कारण सजायाप्ता मुल्जिम फरार हो गया।जानकारी के मुताबिक 13 जुलाई 2019 को दिहौली थाना इलाके के एक गांव निवासी 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को आरोपी हलुका और सहदेव पुत्र कंपोटर निवासी घुरैया का पुरा अपहरण कर भूतपुरा गांव के जंगलों में ले गए थे। जहां नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।एक मुल्जिम ने नाबालिग बालिका के साथ जबरन शादी भी कर ली। नाबालिग बालिका के पिता ने आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। तत्कालीन समय पर पुलिस ने आरोपी सहदेव और हलुका को मुल्जिम बना कर आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया। दोनों आरोपी उक्त प्रकरण जमानत पर बाहर चल रहे थे। लेकिन पुलिस के मुताबिक हलुका अन्य प्रकरण में जेल में बंद था।पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि आज बुधवार को पॉस्को कोर्ट में दोनों आरोपियों को पेश किया। न्यायालय द्वारा सहदेव को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 363,366ए का दोषी मानते हुए धारा 363 में तीन वर्ष और पांच हजार रूपये का अर्थदंड और आईपीसी की धारा 366ए में तीन वर्ष और दस हजार रूपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई हैं.वही संदेह के लाभ देते हुए दूसरे मुल्जिम हलुका को बरी कर दिया गया। कोर्ट द्वारा सजा सुनाये जाने के बाद मुल्जिम सहदेव को पुलिस के जवान कोर्ट में बनी मुल्जिम बैरक में दाखिल कराने ले जा रहे थे। इसी दौरान मुल्जिम सहदेव पुलिस के जवान के हाथ से झटका मारकर फरार हो गया। मुल्जिम के फरार हो जाने से अदालत परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस के जवानों ने रेलवे स्टेशन की तरफ भागे आरोपी का पीछा किया। लेकिन आरोपी झाड़ियों और खेतों में फरार हो गया। मामले की खबर सुनकर भारी तादाद में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस द्वारा रेलवे स्टेशन के आसपास और खेतों में तलाशी अभियान चलाया। लेकिन पुलिस को सुराग नहीं मिल सका। पूरे प्रकरण में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अगर माकूल पुलिस इमदाद होती तो यह नौबत नहीं आती।