चित्तौड़गढ़ में मानसून की दस्तक का अब बेसब्री से इंतजार हो रहा है ऐसे में वन विभाग ने भी पौधारोपण के लिए कमर कस ली है जिसमे वन विभाग पहली बार एक नवाचार करने जा रहा है कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष विभाग अधिक से अधिक आयुर्वेदिक औषधियों से युक्त पौधों के पौधारोपण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जिसमें लगभग एक लाख से अधिक आयुर्वेदिक औषधियों के पौधों का निशुल्क वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है
चित्तौड़गढ़ मैं संचालित हो रही वन विभाग की नर्सरी में इस वर्ष पहली बार आयुर्वेदिक औषधियों जिसमें नीम गिलोय, तुलसी,अश्वगंधा और कालमेघ जैसी प्रमुख औषधियों के करीब 1लाख पौधे तैयार किए गए हैं जिन्हें निशुल्क वितरण करने की भी तैयारियां जोर-शोर से जारी है इसकी जानकारी देते हुए वनरक्षक संगीता चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार के आदेश के अनुसार कोरोना संक्रमण सहित अन्य बीमारियों में काम आने वाले औषधीयों के पौधों को तैयार किया जा रहा है
जिनमें प्रमुख रूप से अश्वगंधा, नीम गिलोय, तुलसी और कालमेघ के करीब एक पौधे तैयार किए गए हैं उन्होंने बताया कि यह पहली बार है कि इस नर्सरी में औषधीय पौधों को तैयार किया गया है उन्होंने बताया कि इन सभी पौधों को सरकार के आदेशानुसार निशुल्क घर घर पहुंचाने की योजना पर कार्य चल रहा है उन्होंने बताया कि आमजन को निशुल्क पौधा वितरण के समय आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र के आधार पर ही पौधे उपलब्ध हो सकेंगे वही पहली बार इस तरह के औषधिय पौधों को तैयार करके चित्तौड़गढ़ नर्सरी में एक नवाचार किया गया है जो कि आने वाले समय मे आमजन को स्वस्थ रखने में बहुत ही लाभप्रद साबित होगा
चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट


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