पिछले 3 महीने के दौरान लगभग हर दूसरे दिन पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाने वाली तेल कंपनियों ने संसद चलते ही बढ़ोतरी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पिछले 10 दिन से पेट्रोल डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि लोकसभा के मानसून सत्र के चलने से तेल कंपनियों ने ब्रेक लगाए हैं। 

15 जुलाई के बाद से डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई और यह ₹99 एक पैसे प्रति लीटर पर रुकी हुई है। पेट्रोल की कीमतें भी आखिरी बार 17 जुलाई को बढ़ाई गई थी, जब प्रति लीटर 32 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। इस समय राजधानी में पेट्रोल ₹108.8 पैसे और डीजल ₹99.1 पैसे प्रति लीटर पर स्थिर है। सूत्रों की माने तो मानसून सत्र को देखते हुए आगामी 10 दिन के दौरान भी पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है।

 खासतौर से डीजल के दाम 15 अगस्त तक स्थिर रहने की संभावना है। उधर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि देश में मध्य प्रदेश पेट्रोल पर सर्वाधिक 31 रुपए 55 पैसे प्रति लीटर वैट लगाता है। वही राजस्थान डीजल पर सर्वाधिक ₹21. 82 पैसे प्रति लीटर वैट लेता है। पेट्रोल और डीजल पर सबसे कम वैट अंडमान और निकोबार दीप समूह में है। यहां पेट्रोल पर ₹4.82 पैसे और डीजल पर ₹4 .74 पैसे प्रति लीटर है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि देश में पेट्रोल डीजल की समान दरों को लेकर अभी तक कोई योजना नहीं है।

ब्यूरो रिपोर्ट।