प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव आनंद कुमार को कम बरसात के अधूरे आंकड़ों के प्रजेंटेशन पर मुख्यमंत्री की नाराजगी झेलनी पड़ी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को प्रदेश में औसत से कम वर्षा को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई थी।
ओपन वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई इस बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव आनंद कुमार जब प्रदेश में बारिश के आंकड़ों का प्रजेंटेशन दे रहे थे तो उस समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नाराज हो गए। उन्होंने आनंद कुमार को बीच में ही टोकते हुए कहा कि आपको मैंने कहा था कि जिलेवार आंकड़े बताओ सबको, यह ओपन वीसी है। आप समझ ही नहीं रहे हो, यह जनता के लिए भी ओपन है।
जब तक आप जिलेवार स्थिति नहीं बताओगे तो जनता को क्या समझ में आएगा कि उनके यहां क्या स्थिति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेजेंटेशन इस प्रकार से देनी चाहिए जिससे कि सभी लोग उन तथ्यों को अच्छी तरह से समझ जाए। आप जिस तरह से प्रेजेंटेशन दे रहे हो, उससे तो हम लोगों को भी समझ में नहीं आ रहा कि कहना क्या चाहते हो। बैठक के दौरान विभाग की ओर से दी गई प्रेजेंटेशन में बताया गया कि प्रदेश में 21 जुलाई तक 146 एमएम बरसात हुई है जो सामान्य से 32. 8% कम है। हालांकि मौसम विभाग ने 28 जुलाई तक राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में अच्छी बरसात होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
यदि ये सही साबित होता है तो औसत में सुधार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रेजेंटेशन के दौरान बताया गया कि प्रदेश में वर्षा जनित हादसों से बचाव के लिए 25 जिलों में एसडीआरएफ और सभी जिलों में नागरिक सुरक्षा की क्यूआरटी टीमें तैनात की गई है। बाढ़ से बचाव के लिए सभी संभागीय मुख्यालय वाले जिलों में 20 -20 और बाकी जिलों में 10--10 लाख रूपये रिवाल्विंग फंड के रूप में आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही आकाशीय बिजली जैसे हादसों में तुरंत सहायता राशि भुगतान के लिए सभी जिला कलेक्टरों को 20-- 20 लाख रुपए रिवाल्विंग फंड के रूप में दिए गए हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट।




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