शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशा होगा, कुछ ऐसा ही नजारा दिखा नागौर जिले के रेवासा दलेलपुरा में जहां सेना की 23 राजपूत रेजीमेंट में हवलदार रहे शहीद मनोहर सिंह को हजारों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। सिक्किम मे तैनात हवलदार मनोहर सिंह राठौड़ ड्यूटी के दौरान ऑक्सीजन का लेवल अचानक कम हो जाने की वजह से शहीद हो गए थे जिनकी पार्थिव देह आज उनके पैतृक गांव रेवासा दलेलपुरा लाई गई ।
शहीद का शव उनके निवास स्थान पर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया । शहीद मनोहर सिंह की माता प्रेम कंवर और पत्नी मंजू कंवर के साथ साथ मौजूद सभी महिलाओं के आंसू थम नहीं रहे थे, परिजनों को अंतिम दर्शन के बाद शहीद हवलदार मनोहर सिंह की अंतिम यात्रा उनके घर से देवलोक के लिए रवाना हुई. इस यात्रा में आसपास ही नहीं बल्कि दूर-दराज से भी लोग शहीद को विदाई देने के लिए पहुंचे थे हजारों लोग इस यात्रा में शामिल रहे पूरे रास्ते शहीद के जयकारे लगते रहे।
शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए क्षेत्रीय विधायक और उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी कुचामन नगर पालिका अध्यक्ष आसिफ खान उपाध्यक्ष हेमराज चावला पूर्व विधायक विजय सिंह चौधरी भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रजनी कांवरिया सहित कई जनप्रतिनिधि और राजनेता भी पहुंचे और सभी ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि शहीद मनोहर सिंह की पारिवारिक पृष्ठभूमि ही सेना से जुड़ी रही उनके पिता गंभीर सिंह राठौड़ सहित 3 भाई भी सेना में कार्यरत रहे करीब 27 साल पहले उनके चाचा रघुनाथ सिंह भी सेना में रहकर अपने फ़र्ज़ को अंजाम देते हुए शहीद हुए थे ।
घर में देश सेवा के माहौल के चलते मनोज सिंह ने भी कैरियर के रूप में सेना को चुना और 23 राजपूत रेजीमेंट में हवलदार के पद तक पहुंचे विशाल 2005 में भारतीय सेना से जुड़े थे और इस साल सेवानिवृत्त भी होने वाले थे लेकिन होनी को यही मंजूर था और हवलदार मनोहर सिंह सिक्किम में अपने फ़र्ज़ को अंजाम देते हुए शहीद हो गए। शहीद हवलदार मनोहर सिंह राठौड़ के मासूम बेटे अभिमन्यु सिंह के जरिए उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दिलाई गई
इस दौरान उन्हें सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया मीडिया से रूबरू हुए उप मुख्य सचेतक और क्षेत्रीय विधायक महेंद्र चौधरी ने कहा कि शहीद मनोहर सिंह जैसे जवान देश की सीमाओं पर अपनी जान की परवाह नही कर अपने फर्ज को अंजाम देते है तभी हम सुरक्षित है । उन्होंने कहा की मारवाड़ और शेखावटी के जवान हमेशा सेना में जाकर देश सेवा के मामले में अग्रणी रहे हैं शहीद परिवार के लिए सरकार से जो भी कुछ मिल सकता है वो उसे, जल्द से जल्द दिलाने की कोशिश करेंगे ।
नागौर से सबिक की रिपोर्ट,



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