प्रदेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षित पदों पर आवेदन करने और कॉलेजों में भर्ती होने के लिए बड़ी संख्या में युवा ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। इनमें से कई युवा ऐसे भी हैं जो बाहरी राज्यों से जयपुर आकर यहां निवास कर रहे हैं। अन्य राज्यों के निवासियों के आवेदनों को देखते हुए प्रशासन के सामने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए जाति वर्ग और वार्षिक आय से चयन करने का संकट खड़ा हो गया था।

 हाल ही में सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों से स्थानांतरित होकर प्रदेश में निवास करने वाले लोगों को ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने के लिए अपने मूल प्रदेश की संपत्ति का ब्यौरा देना होगा। यह नियम अन्य प्रदेशों से शादी होकर आई महिलाओं पर भी लागू होगा। वे अपने मूल राज्य में किस वर्ग के लिए आरक्षित है इसका सर्टिफिकेट देखने के बाद ही ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।



 इस बारे में जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने कहा है कि ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का पहले जिस राज्य में संबंध है उसे पूर्व निवास स्थान में अपनी आय संपत्ति के संबंध में वहां के सक्षम अधिकारी के समक्ष शपथ प्रश्न पत्र प्रस्तुत करना होगा। उसको देखने के बाद ही यहां ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। आपको बता दें कि गहलोत सरकार ने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए राजस्थान प्रदेश वासियों को संपत्ति का ब्यौरा देने की दिशा में छूट दे दी थी।

ब्यूरो रिपोर्ट।