भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए विशेष कहे जाने वाले सावन महीने की शुरुआत के दूसरे दिन ही सावन का पहला सोमवार आ गया इसके साथ ही देश भर के शिवालयों में भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हो गया आज अलसुबह से ही राजधानी के प्रमुख शिवालय तारकेश्वर मंदिर झारखंड मंदिर और कूकस स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग सदाशिव शिवालय में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा भक्तों ने भोलेनाथ को बिल्वपत्र दूध आंकडा पुष्प और धतूरा सहित कई ऋतु फल भी समर्पित किए।



वही सावन के सोमवार करने वाली कुंवारी कन्याओं और महिलाओं के लिए भी यह दिन खास रहा। आज शाम को उद्यानों में भी वन सोमवार की रौनक रहेगी आपको बता दें कि कोरोना के चलते इस बार प्रदेश में कांवड यात्रा सहित कई बड़े धार्मिक आयोजनों पर रोक है। धर्म शास्त्रियों के अनुसार इस बार सावन का महीना बेहद खास है। सावन के चारों सोमवार को शुभ संयोग बन रहे हैं। पहले सोमवार को ही सौभाग्य नामक दुर्लभ योग आया है। दूसरे सोमवार को सुस्थिर योग 2 अगस्त को, तीसरे सोमवार को स्वामी योग 9 अगस्त को और चौथा सोमवार 16 अगस्त को सर्व सिद्धि योग लेकर आएगा।

 भगवान शिव के विशेष प्रियव्रत प्रदोष इस सावन में 5 अगस्त और 20 अगस्त को रहेंगे। आपको बता दें कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन महीने से ही चातुर्मास माना जाता है। इस दौरान कई धार्मिक स्थलों पर स्नान ध्यान और दान करने की परंपरा रहती है। कहा जाता है कि श्रावण महीने के दौरान भोलेनाथ की आराधना करने से 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के समान फल की प्राप्ति होती है। सावन महीने में कई महत्वपूर्ण त्योहार और व्रत भी आएंगे। इस बार 29 दिन के सावन महीने में 18 दिन व्रत और त्योहार रहेंगे।

ब्यूरो रिपोर्ट।