मंत्रिमंडल विस्तार भी होगा लेकिन इससे पहले संगठन और राजनीतिक नियुक्तियों का नियुक्तियों का काम होगा पार्टी में कोई विरोधाभास नहीं है सब एकमत हैं और आलाकमान जो भी निर्णय करेगा उसे सभी मानेंगे यह कहना है कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन का। शनिवार शाम को जयपुर आए प्रदेश प्रभारी अजय माकन और वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लंबी मंत्रणा करने के बाद रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। हालांकि इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक नहीं पहुंचे लेकिन सचिन पायलट की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। उन्होंने अपने पूर्व निर्धारित टोंक दौरे को निरस्त कर इस बैठक में शिरकत की। 



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पायलट के समर्थकों का पीसीसी के बाहर जमावड़ा लगा रहा और पूरी बैठक के दौरान पायलट जिंदाबाद के नारे लगते रहे। लगभग 1 घंटे चली बैठक के बाद अजय माकन मीडिया कर्मियों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई विरोधाभास नहीं है। सब काम समय पर होंगे लेकिन सबसे पहले संगठन और राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद शुरू की जाएगी। माकन ने कहा कि वह 28 जुलाई को फिर जयपुर आ रहे हैं 28 और 29 को जयपुर में रहेंगे। इस दौरान हर विधायक से जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के बारे में राय ली जाएगी।


इस दौरान मीडिया कर्मियों की ओर से पेगेसस जासूसी कांड पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते देश में ऐसे काम हो रहे हैं। जहां एक ओर महंगाई की मार से आम जनता त्रस्त है, वहीं सरकार जासूसी कराने के फेर में करोड़ों रुपये फूंक रही है।


माकन ने हाल ही में आरएएस साक्षात्कार के दौरान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के रिश्तेदारों को समान अंक मिलने की बात पर कहा कि डोटासरा ने निगम में हुए भ्रष्टाचार के दौरान निंबाराम को गिरफ्तार करने के लिए दबाव बनाया था। इससे चिढ़कर भाजपा ने डोटासरा को व्यर्थ विवाद में फंसाने की कोशिश की है। जबकि इनके परिजनों ने परीक्षा तो भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान ही दी थी।


प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने मंत्रिमंडल विस्तार की बात अभी पर्दे में ही रहने दी है। लेकिन जहां तक अंदरूनी सूत्रों का सवाल है, इस मामले में अब तक सर्वसम्मति नहीं बन पाई है। आलाकमान के सामने सबसे बड़ी परेशानी ये ही है कि पद 8 है और दावेदार 60 हैं। अभी तक इस गणित का कोई हल नहीं निकला जिससे कि सारे समीकरण सटीक बैठ जाएं और किसी भी पक्ष को विरोध के सुर निकालने का मौका नहीं मिले। फिलहाल इन दोनों के जयपुर आगमन से पायलट गुट में उत्साह का माहौल साफ नजर आ रहा है।.

ब्यूरो रिपोर्ट।