देश की वैक्सीन निर्माता कंपनी जायडस कैडिला ने अपनी नई वैक्सीन जायकोव - डी के लिए केंद्र के दवा नियामक विभाग डीसीजीआई से आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। बच्चों के लिए सुरक्षित बताई जा रही जायकोव- डी वैक्सीन दुनिया की पहली डीएनए पॉलज्मिड वैक्सीन है।
इस वैक्सीन को बिना सुई फार्माजेट तकनीक से लगाया जाएगा। यह वैक्सीन वायरस के जीन कोड से तैयार होती है। डीएनए वैक्सीन से शरीर में वायरस के उस हिस्से के जीनकोड यानी डीएनए या आरएनए भेजकर प्रतिरक्षा प्रणाली सक्रिय करता है। उसके बाद शरीर उसे डिकोड कर वायरस के खिलाफ एंटीजन विकसित करता है। डिकोडिंग से ये सुनिश्चित होता है कि जब बाद में किसी वास्तविक वायरस का हमला होगा तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पहले से ही उसे पहचानने के लिए तैयार रहेगी।
और उसे यह पता होगा होगा कि इस वायरस से लड़ने का सबसे प्रभावी तरीका क्या है। आपको बता दें कि कंपनी ने अब तक 28 हजार से ज्यादा लोगों पर इसका परीक्षण किया है। इसके लिए 50 से ज्यादा परीक्षण केंद्र बनाए गए थे।
ब्यूरो रिपोर्ट।



0 टिप्पणियाँ