सावन माह रविवार यानी आज से शुरू हो गया है. इस बार आयुष्मान योग में सावन महीने का आगाज हो रहा है. सावन में भगवान शिव की उपासना विशेष फल देने वाली मानी जाती है और भगवान शिव की कृपा से हर मनोकामना पूरी होती है.
आध्यात्मिक गुरू पण्डित हरिमोहन शर्मा ने बताया कि सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ का जल और दूध से अभिषेक किया जाता है। इसके साथ ही व्रत रखने से भी भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार सावन में चार सोमवार होंगे।
उनमें कई विशेष संयोग बन रहे हैं।जिससे भगवान शिव की आराधना विशेष फल देने वाली है। पण्डित हरिमोहन शर्मा ने बताया कि भगवान भोलेनाथ ने प्राणियों की रक्षा के लिए विष ग्रहण किया था।इस बार चार सोमवार भोलेनाथ की आराधना के लिए रहेंगे यदि किसी जातक की कुंडली में विष योग हो तो उसे सावन में भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए।भगवान भोलेनाथ को बिल्व पत्र, बिल्व फल या बिल्व फल का दूध अर्पित करने और अभिषेक करने से विष योग का प्रभाव खत्म होता है।
जीवन में मनवांछित सफलता मिलती है।विद्यार्थियों को पढ़ाई और करियर निर्माण के लिए खास तौर पर भगवान भोलेनाथ की आराधना करनी चाहिए।ओम नमः शिवाय मंत्र का अधिकाधिक जाप विद्यार्थियों को करना चाहिए. व्यापारियों को व्यापार में तरक्की के लिए शक्कर मिश्रित दूध या गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इससे धन की देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और व्यापार में सफलता मिलती है। इसके अलावा सावन माह में जल और दूध से अभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोवांछित फल देते हैं।
जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट,



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