यदि सरकार ईमानदार अफसरों को फ्री हैंड कर दें तो फिर कैसी कार्रवाई होती है इसका स्पष्ट नजारा दिखाया है एसीबी ने। प्रदेश के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग मे अहम पदों पर तैनात डीजी बी एल सोनी और एडीजी दिनेश एम एन की टीम ने इस महकमे की कार्यप्रणाली को ऐसा अंजाम दिया है जो अब तक कोई नहीं कर पाया था. एसीबी की टीम लगभग हर रोज कार्यवाही कर रही है।
छोटे से छोटे घूसखोर से लेकर आला पदों पर ऊंचा खेल खेल रहे अधिकारी भी एसीबी की नजर में है। कुछ इस तरह की ही कार्यवाही को अंजाम दिया एसीबी ने जब सरकारी महकमे के अहम पदों पर विराजमान तीन अलग-अलग अधिकारियों पर एक साथ छापे मारे गए।
चित्तौड़गढ़ में तैनात जिला परिवहन अधिकारी मनीष कुमार शर्मा, जोधपुर के सूरसागर थाने में तैनात इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार और जयपुर में जेडीए के एक्सईएन निर्मल कुमार गोयल पर एक साथ कार्यवाही की गई। इनके आवास और संस्थानों पर करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। इनके ठिकानों में मिले दस्तावेजों के आधार पर निर्मल कुमार के यहां आय से 1450%, डीटीओ मनीष कुमार शर्मा के यहां 333% और थाना प्रभारी प्रदीप कुमार के यहां 232% आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है।
एसीबी ने इन तीनों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। एसीबी के डीजी बीएल सोनी के अनुसार इन तीनों पर लगभग 1 महीने से निगाह रखी जा रही थी। गुरुवार को एसीबी ने एक साथ कई जिलों में इनके ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की यह सिलसिला गुरुवार देर रात तक जारी रहा। आज इनके लॉकर खोले जाएंगे जिनसे और भी दस्तावेज के साथ के साथ संपत्ति मिलने की उम्मीद है।
ब्यूरो रिपोर्ट।




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