करौली मे शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने जिला कारागृह का औचक निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष को जेल में भारी अनिमियता मिलने के साथ-साथ कैदियों से जेल कर्मियों द्वारा अवैध पैसे की वसूली करने और पैसे नहीं देने पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए. इस पर अध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर करते हुए आईजी जेल को कैदियों को सुरक्षा देने और पैसे मांगने वाले कर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए..
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश हारून, मुख्य न्यायिक मजिसटेट सरिता धाकड द्वारा जिला कारागृह का औचक निरीक्षण किया गया.
निरीक्षण के दौरान कारागृह में 148 बंदी निरूद्ध मिले.उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कारागृह की साफ-सफाई, भोजन, चिकित्सा आदि व्यवस्थाओं की जांच करने पर रसोईघर के बाहर वॉलकॉनी का फर्श टूटा हुआ मिला व गंदगी छाई हुई मिली. निरीक्षण मे जेल इंचार्ज ने जाहिर किया कि बजट आवंटन में से सिर्फ 1.7 लाख का मरम्मत कार्य करवाया गया है.
निरीक्षण के दौरान रसोईघर के पास पानी भरा हुआ पाया गया, जहां पानी की निकासी का प्रबन्ध नहीं था। इस संबंध में अध्यक्ष ने संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिये. सचिव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह में स्थित चिकित्सालय के क्वारन्टाईन सेन्टर पूर्व से ही बना हुआ था जिसमें नये प्रवेशित बंदियों को रखा जाता है.परन्तु निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्वारंटाईन सेन्टर में नवीन प्रवेशित बंदियों के साथ ही अन्य बंदियों को भी रखा गया है, जबकि कारागृह में अन्दर बैरिकों में पर्याप्त जगह उपलब्ध है.
कैदियों ने लगाये अवैध पैसे मांगने के गंभीर आरोप,
सचिव प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि अध्यक्ष के निरीक्षण के दौरान कुछ बंदियों द्वारा कुछ जेल कार्मिकों व सह बंदियो के विरूद्ध रूपये पैसे मागने व न देने पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए, जिस संबंध में जिला एवं सेशन न्यायाधीश द्वारा पुलिस प्रशासन व जेल प्रशासन के उच्चाधिकारियों को उचित कार्यवाही करने व जॉच कर अपराधियों को चिन्हित करने के निर्देश जारी किए गए व जिन बंदियों द्वारा उक्त आरोप लगाए गए उनकी उचित सुरक्षा के लिए भी आईजी जेल को निर्देश प्रदान किए गए।
जेल में मिली अनिमियता,
सचिव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिला एवं सेशन न्यायाधीश द्वारा जेल मे अभी तक सीसीटीवी कैमरा व विडियो कॉंफ्रेंसिंग की सुविधा शुरू ना हो पाने को भी गम्भीरता से लेते हुए, इस संबंध में उक्त सुविधा चालू करने हेतु उच्चाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये। इस दौरान अध्यक्ष ने बंदियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं के बारे में पूछा गया तथा जिन बंदियों के उनके केस में पैरवी करने हेतु अधिवक्ता नहीं थे उन्हे शीघ्र विधिक सहायता से अधिवक्ता नियुक्त किये जाने हेतु उपस्थित जेलर को विधिक सहायता आवेदन पत्र भरवाकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय को प्रेषित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।इस जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा मौजूद रहे
करौली से अवनीश पाराशर की रिपोर्ट,



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