सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में आम जनता के कामकाज को जवाबदेह बनाने के लिए प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को सिटीजन चार्टर जारी किया जाएगा। यह चार्टर राज्य सरकार की ओर से 15 अगस्त को जारी होगा। इसके तहत प्रदेश की 11000 से ज्यादा पंचायतों में आमजन को दी जा रही सेवाओं की समय सीमा के अनुसार क्रियान्विति और पंचायतों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
इसमें देश की हर पंचायत को यह बताना होगा कि वहां आम जनता से संबंधित कितने प्रकार की सेवाएं दी जा रही है, उनके लिए निर्धारित कितना शुल्क वसूला गया है और इसको समय सीमा के अनुसार पूरा किया गया है या नहीं। आपको बता दें कि केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से पिछले दिनों यह चार्टर जारी किया गया था। इसके बाद प्रदेश की सभी जिला परिषदों को सरकार ने निर्देश जारी किए हैं.
चार्टर के तहत हर पंचायत के लिए अलग दस्तावेज होगा, जिसका मॉडल ड्राफ्ट तैयार करने के लिए पंचायती राज विभाग ने विधि परामर्शदाता आर के भूरिया और बीडी कृपलानी को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही विभाग के उपायुक्त प्रेम सिंह चारण को इस योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है. ऐसे मामले जिनमें पंचायत खुद सीधे तौर पर सेवाएं देने में सक्षम नहीं हो तो भी आमजन के लिए सुविधा प्रदाता का काम करेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट।



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