प्रदेश में 4 महीने के मानसून सीजन में पहला महीना आषाढ़ लगभग सूखा ही बीत गया। यहां इस महीने के दौरान सामान्य से भी 27% बारिश कम दर्ज हुई। हालांकि पश्चिमी राजस्थान में कुछ राहत रही यहां सामान्य से 9% कम बारिश दर्ज की गई लेकिन पूर्वी राजस्थान में यह आंकड़ा चिंताजनक रहा यहां 38 फ़ीसदी बारिश कम दर्ज की गई। अगर हम जिलों की बात करें तो सबसे ज्यादा बांरा जिले में 1 महीने के दौरान 62 फ़ीसदी कम बरसात हुई है। वही सिरोही में 53 और टोंक में 55% बारिश कम दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में 37% बारिश कम दर्ज की गई।

उधर मौसम विभाग ने आगामी 3 दिन के दौरान प्रदेश के उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर संभाग में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कई जिलों में अति भारी बारिश भी हो सकती है। 



यानी कि यहां 65 से 200 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना है। वर्तमान में यह झारखंड और आसपास के उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित है। इसकी लाइन सतह से डेढ़ किलोमीटर ऊपर फलोदी, अजमेर और कम दबाव क्षेत्र के केंद्र से गुजर रही है। इसके चलते पूर्वी राजस्थान में के कई जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। इस तंत्र का सर्वाधिक असर 25 से 27 जुलाई तक रहेगा। 3 दिन की अवधि के दौरान भारी बरसात के साथ वज्रपात होने की भी संभावना है।

ब्यूरो रिपोर्ट।