ब्यूरो रिपोर्ट।

राजधानी जयपुर के मानसरोवर स्थित पार्क में पिछले दिनों 11 साल के मासूम बच्चे की करंट से हुई मौत के बाद सहायता राशि देने के नाम पर एक नया विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में भाजपा विधायक अशोक लाहोटी और कार्यवाहक मेयर शील धाभाई ने हादसे की जिम्मेदार कंपनी से ही सहायता राशि का चेक लिया और उसे निगम के लिफाफे में डाल कर मृतक बच्चे के घर पर पहुंच गए। इस हादसे की जिम्मेदार आरसी एंटरप्राइजेज से ₹2 लाख का चेक लेकर घर पहुंचे दोनों नेताओं ने पहले चेक दिया और सभी ने फोटो खिंचवाई। इसके बाद महापौर ने परिजनों को डेयरी आंवटन का भी लालच दिया और लौट गए। उनके जाने के बाद जब परिजनों ने निगम के लिफाफे को खोला तो उसमें कंपनी की ओर से दिया गया चेक मिला। इसको लेकर मृतक बच्चे के परिजनों और सामाजिक संस्थाओं के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि सेक्टर 31 के झूलेलाल मंदिर पहुंचकर चेक को वापस कर दिया गया। मृतक बच्चे गौरव की मां अनिता केसवानी ने कहा कि महापौर और विधायक आए थे, चेक दिया था। लिफाफे के बाहर निगम लिखा था और सहायता राशि आरसी एंटरप्राइजेज की ओर से दी गई थी. उन्होंने कहा कि घटना के जो भी जिम्मेदार हैं, उनको सजा मिलनी चाहिए। मेरे साथ धोखा किया गया है। निगम आयुक्त कार्यालय से कंपनी को नोटिस जारी किया गया था। इसमें यह पूछा गया था कि आपको जो काम किया दियाया गया था, उसे करने में विफल रहे हो। इसके चलते क्यों नहीं आपको ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए। जवाब के लिए 3 दिन का 

समय दिया था इस पूरी कार्यवाही को 10 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका लेकिन फाइल आयुक्त कार्यालय में ही अटकी है।

उधर इस मामले में कार्यवाहक महापौर शील धाभाई का एक ऑडियो भी वायरल हुआ है। जिसमें वे कभी पत्रकारों पर निशाना साध रही है तो कभी उन नेताओं को कोसती है जो कि गौरव के मौत के बाद उसके घर सांत्वना देने पहुंचे थे. ऑडियो में भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञानदेव आहूजा को लेकर भी उन्होंने ये तक कहा है कि उनकी बातों में मत आओ। कोर्ट केस करोगे तो पैसा तो आपका ही खर्च होगा और वकील भी पैसा खा जाएंगे। इस हादसे के जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज कराने के सवाल पर यह कहती है कि उस से क्या होगा जो लापरवाह थे उन्हें सस्पेंड कर दिया है। आप लोगों को कौन सलाह दे रहा है, किसी की भी मत सुनो। आप तो यही कह दो कि महापौर से बात हो गई है।