ब्यूरो रिपोर्ट।

प्रदेश में पिछले कई वर्षों के दौरान कई को- ऑपरेटिव सोसाइटियों के फर्जीवाड़े सामने आने के बाद अब सहकारी विभाग जागा है। विभाग ने ऐसी सोसाइटियों पर निगरानी रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटियों का निरीक्षण किया जाएगा. उसके लिए एक जांच टीम बनाई गई है जिसमें एसओजी के डीआईजी को भी शामिल किया गया है। 

यह टीम जो भी रिपोर्ट देगी उसे सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्ट्रार को भेजा जाएगा। प्रदेश में कई वर्षों से संचालित इन सोसायटियों का फर्जीवाड़ा कुछ साल पहले सामने आया था, जब आदर्श क्रेडिट सोसाइटी ने कई निवेशकों को रुपए लौटाने से इंकार कर दिया था। उसके बाद एक एक करके कई सोसायटियों के फर्जीवाड़े सामने आए।  सहकारी विभाग ने लोगों की शिकायतें सुनने के लिए पोर्टल बनाया था। इस पोर्टल पर अब तक लगभग 84000 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है. इसमें ठगी की रकम सोलह सौ करोड़ से भी ज्यादा बताई गई है। प्रदेश में ऐसी सोसाइटियों के काम पर निगरानी रखने के लिए अब निरीक्षण टीम तैयार की गई है। सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार की ओर से गठित की गई इस टीम में सहकारी विभाग के अधिकारी के साथ एक लेखा अधिकारी और एसओजी के डीआईजी अमनदीप सिंह कपूर को भी शामिल किया गया है।

आपको बता दें कि सहकारी विभाग के पोर्टल पर अब तक आई शिकायतों में सबसे ज्यादा शिकायतें जोधपुर जिले से हैं। यहां लगभग 10,000 से भी ज्यादा लोगों ने 257 करोड रुपए की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। दूसरे नंबर पर बाड़मेर है, जहां 9400 लोगों ने एक अरब से भी ज्यादा ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। तीसरे नंबर पर पाली है, जहां लगभग 7000 लोगों ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। इस तरह से देखा जाए तो प्रदेश में ऐसी शिकायतों के तहत जोधपुर संभाग ही सबसे ज्यादा शिकायतों वाला संभाग है और ऐसी कोऑपरेटिव सोसायटियों के मुख्यालय भी जोधपुर संभाग में ही है।