मुनेश धाकरे की रिपोर्ट
कालीसिंध डैम से पानी रिलीज होने पर जिले की चंबल नदी का जलस्तर बढ़ गया है। चंबल नदी में पानी की आवक होने पर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। सुबह के पहर चंबल नदी का जलस्तर 130.30 मीटर था। लेकिन 10:00 बजे के बाद जल स्तर खतरे के निशान 130.79 से बढकर 130.80 पहुंच गया। हालांकि खतरे के निशान से मामूली जल स्तर में इजाफा हुआ है। लेकिन जिस प्रकार से नदी में पानी की आवक हो रही है ।उससे दोपहर के बाद जल स्तर में भारी वृद्धि हो सकती है। जिसे लेकर जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों को बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निगरानी रखने के दिशा निर्देश दिए हैं।
सिंचाई विभाग के एक्सियन होती लाल मीणा ने बताया कालीसिंध डैम से पानी रिलीज किया है। रिलीज किए गए पानी का असर जिले की चंबल नदी में देखा जा रहा है। सुबह से ही नदी के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नदी के गेज को मेंटेन करने के लिए प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को तैनात किया है। उन्होंने बताया सुबह के पैर चंबल नदी का जलस्तर 130 .30 मीटर था। लेकिन 10:00 बजे के बाद जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान 130.79 से बढकर 130.80 पहुंच गया। हालांकि खतरे के निशान से मामूली जल स्तर में इजाफा हुआ है। लेकिन पूर्वी राजस्थान में मानसून का दवा लगातार बनता जा रहा है। हाडोती क्षेत्र की बारिश का असर चंबल नदी में देखा जाता है। कोटा बैराज पर कालीसिंध डेम का पानी चंबल नदी में रिलीज करने से धौलपुर जिला प्रभावित होता है। उन्होंने बताया नदी के तटवर्ती एवं निकले इलाकों पर प्रशासन द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन द्वारा आमजन से अपील करते हुए कहा कि पानी में अधिक बहाव होने पर नदी से दूरी बनाए रखें। नदी, तालाब और डैम से बच्चों को भी सुरक्षित रखें।


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