पिछले रेल बजट में  सोलर प्रणाली के माध्यम से बिजली उत्पादित करने की घोषणा करते हुए इसे बढ़ावा देने  का लक्ष्य निर्धारित किया गया था ।  इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल को 0.63 मेगा वाट का सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य दिया गया था ।‌‌ इसे ध्यान में रखते हुए कोटा मंडल ने 5 स्थानों पर सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना बनाई  ।  अभी प्रथम चरण में मंडल के भरतपुर एवं गंगापुर सिटी स्टेशनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित कर दिए गए हैं और इससे सालाना 8 लाख 40 हजार रुपए की वार्षिक बचत भी होने लगी है ।  



वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अजय कुमार पाल ने बताया कि आधुनिक समय में बिजली की  कमी को देखते हुए रेलवे में अब हरित क्रांति के तहत गैर पारंपरिक स्रोतों से ऊर्जा प्राप्त करने के विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैैं ।    कोटा मंडल ने भी सोलर पावर प्लांट की तरफ अपने कदम बढ़ा दिए हैं ।  कोटा मंडल के गंगापुर सिटी और भरतपुर दो रेलवे स्टेशनों पर अगले 25  सालों के लिए सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादित करने हेतु एनर्जी कंपनी से क़रार किया गया है इससे दोनों रेलवे स्टेशनों की विद्युत व्यवस्था को विश्वसनीय, सुचारू रखने में मदद मिलेगी और रेलवे को बहुत ही कम दर पर बिजली मिलेगी ।   


भरतपुर स्टेशन


भरतपुर रेलवे स्टेशन के लिए 79 किलो वाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है ।  इससे सालाना 87600 किलो वाट यूनिट बिजली सालाना उत्पादित हो सकेगी ‌।  इस सोलर पावर प्लांट के लगने से रेलवे को ₹3.47 पैसे प्रति यूनिट की दर से बहुत सस्ती दर पर बिजली प्राप्त होगी और इससे सालाना 4 लाख 40 हजार की वार्षिक बचत हो सकेगी ।  


गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन


कोटा मंडल के गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन पर भी 22 मई 2019 को किए गए करार के तहत 73 किलो वाट का एक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है और इससे सालाना 79570 किलो वाट यूनिट सालाना उत्पादित होगी और रेलवे को ₹3.47 पैसे प्रति यूनिट की  मामूली लागत से बिजली प्राप्त होगी और इस प्लांट से भी रेलवे को सालाना 4 लाख रुपए वार्षिक की बचत होगी ‌। 



इस तरह इन दोनों प्लांटों से रेलवे को 1,67,000 यूनिट बिजली उत्पादित करने में मदद मिलेगी और कुल ₹8,40,000 की वार्षिक बचत होगी ।

कोटा से हंसपाल यादव की रिपोर्ट।