गुमानपुरा थाना पुलिस ने 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे न्यायालय में पेश किया गया,जहां से उसे 5 जुलाई तक रिमांड पर सौंपा गया है।  थाना प्रभारी मनोज सिंह सिकरवार ने बताया कि इस मामले में आरोपी रामरतन नागर को उसके गांव से 1 जुलाई को गिरफ्तार किया तथा 2 जुलाई को कोट में पेश किया गया,जहां से उसे 3 तीन दिन के पुलिस रिमाण्ड पर लिया है।

 प्रकरण के अनुसार फरियादी अरविंद यादव (43) पुत्र नाहर सिंह यादव निवासी मकान नंबर 1 भ 50 विज्ञान नगर कोटा ने रामरतन (45) पुत्र धुमरिया, निवासी कराड का बरधा लाडपुरा बूंदी के खिलाफ न्यायालय में इस्तगासा धारा 420,406, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत पेश किया था, जिसमें उसने बताया कि अभियुक्त को सोनू नागर के माध्यम से जानता है, जान पहचान होने से अभियुक्त राम रतन धाकड ने 4 जून 2018 को 15 लाख रुपए उधार प्राप्त किए गए थे

, जिस के संदर्भ में एक इकरारनामा 4 जून 2018 को अंकित किया गया, जिसमें अभियुक्त रामरतन द्वारा अपनी स्वयं की शामलाती खाते की भूमि तालेडा जिला बूंदी स्थित है, अभियुक्त का हिस्सा 17 बीघा निहित दर्शाया गया है तथा उक्त राशि की अदायगी छह माह में की जानी थी, रहननामा आलेखित करने के बाद बाद परिवादी द्वारा राशि देते समय अभियुक्त से कहा गया कि उक्त भूमि पर तब तक मेरा ही कब्जा रहेगा, तो अभियुक्त व परिवादी के मध्य इस बात को लेकर सहमति नहीं बन पाई। अभियुक्त द्वारा कहा गया कि इकरारनामा के स्थान पर आपके नाम इकरारनामा, मुख्तारनामा, वसीयतनामा बनवा देता हूं, यदि मैं 6 माह में राशि नहीं दे पाया तो आप स्वयं ही इस संपत्ति के मालिक हो जाएंगे। 

आश्वासन दिया गया कि इस भूमि की आपके नाम रजिस्ट्री करवा कर कब्जा भी सभंला दूंगा। अभियुक्त द्वारा किए गए कथनों का आश्वासन के अनुसार परिवादी द्वारा इकरारनामा, मुख्तारनामा, वसीयतनामा बनवाने पर अपनी सहमति दे दी गई। इस पर उसी दिन परिवादी द्वारा अभियुक्त राम रतन नागर को 15 लाख रुपए दे दिए गए, उसकी एवज में वर्णित खसरा नंबर की भूमि 5 बीघा रोड की तरफ वाली का विक्रय परिवादी को अभियुक्त द्वारा 4 जून 2018 को कर दिया गया था।

 इस पर अभियुक्त को परिवादी द्वारा रजिस्ट्री करने के लिए आग्रह किया गया तो अभियुक्त टालमटोल करने लगा और कहने लगा कि मेरी उक्त जमीन बैंक आॅफ इंडिया शाखा बूंदी में गिरवी रखी हुई है, मैं रहन मुक्त करने के बाद रजिस्ट्री करवा दूंगा। लेकिन अभियुक्त बार-बार टालमटोल करता रहा और रजिस्ट्री नहीं करवाई, जब विभाग में जाकर जानकारी प्राप्त की गई तो ज्ञात हुआ कि 21 जून 2019 को अभियुक्त ने अपने हिस्से की भूमि रजिस्ट्री रिलीज डीड अन्य के नाम बेचान कर दी।

 उल्टा आरोपी ने फरयादी को पैसा नहीं ले सके इसके चलते झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। अभियुक्त ये भली-भांति जानता था कि उक्त भूमि का बेचान परिवादी को किया जा चुका है तथा ऐसी स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को उक्त भूमि को किसी भी तरह हस्तांतरित करने का अधिकार प्राप्त नहीं है,

 उसके बाद भी अभियुक्त रामरतन नागर द्वारा जानबूझकर धोखाधड़ी करते हुए, कपट पूर्वक परिवादी से 15 लाख रुपए की राशि हड़प कर ली गई तथा जानबूझकर रजिस्ट्री नहीं करवाई गई। अभियुक्त द्वारा कूट रचना करते हुए फर्जी तरीके से स्वयं को लाभान्वित करने के लिए परिवादी को हानि पहुंचाने के उद्देश्य से आपराधिक कृत्य किया है। इस मामले में गुमानपुरा थाना पुलिस द्वारा आरोपी रामरतन नागर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

कोटा से हंसपाल यादव की रिपोर्ट।