कामा थाना इलाके की एक नावालिग गैंग रेप पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पर पहुँचकर केरोसिन तेल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया और उस समय पुलिस कर्मियों ने बचा लिया व् समझाइश की साथ ही उचित कार्यबाही करने का आश्वासन दिया | 

मामला कामा थाना इलाके का है जहाँ नावालिग लड़की का अपहरण चार लड़के वकील,ताहिर,खालिद,कयूम ने किया और उसके साथ कई दिनों तक बारी बारी से दुष्कर्म किया गया था लेकिन 11 महीने बीत जाने के बाद भी एक भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है 

|जानकारी के मुताविक 18 जुलाई 2020 को इस 4 वर्षीय नावालिग लड़की का चार लड़कों ने अपहरण किया और चंदीगढ़ ले जाकर उसके साथ कई दिनों तक गैंग रेप किया व् छोड़कर फरार हो गए उसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ पुलिस में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई लेकिन फिर बदमाश गिरफ्तार नहीं हो सके और उसके बाद विगत 21 जनवरी 2021 को जब पीड़िता की बड़ी बहन स्कूल पढ़ने जा रही थी तभी रास्ते में उनकी आरोपियों ने उसका अपहरण कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया व् परिजनों ने दूसरा मामला भी आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराया मगर पुलिस कोई कार्यबाही नहीं कर रही है 

 दरअसल पीड़िता ने पहले भी आरोप लगाया था जांच अधिकारी व् कामा पुलिस सीओ प्रदीप यादव ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के नाम पर पीड़ित पक्ष से 2 लाख रूपये रिश्वत ले ली फिर भी आरोपी अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है | पीड़िता ने बताया की मेरे साथ चार लड़कों ने अपहरण कर दुष्कर्म किया और उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गयी | यदि उन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो मुझे आत्महत्या करनी पड़ेगी | 

भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने बताया की मामला विगत वर्ष का है जहाँ एक नावालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था और उसमे एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चूका है बाकी तीन अन्य के बारे में जांच जारी है जहाँ तक पीड़िता द्वारा सीओ पर रूपये लेने का आरोप है तो इन सभी की जांच के लिए एएसपी को नियुक्त किया है जिसकी जांच की जा रही है |

भरतपुर से दीपेश फौजदार की रिपोर्ट।