जयपुर ग्रेटर नगर निगम सफाई ठेकेदार कंपनी बीवीजी को भुगतान के बदले हुई 20 करोड़ की डील के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम का नाम भी सामने आने पर सियासत में घमासान मच गया है। निंबाराम को लेकर भाजपा और कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि संघ के प्रमुख व्यक्ति निंबाराम सहित चार लोगों के खिलाफ एसीबी ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है। राजाराम गुर्जर और कंपनी के प्रतिनिधि को गिरफ्तार किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि भ्रष्टाचार की डील में संघ के प्रमुख व्यक्ति की मौजूदगी वीडियो में साबित हो रही है तो फिर उसे भी गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने एक तरह से इसको लेकर अपनी ही सरकार को भी सवालों के घेरे में लिया है। उनका कहना है कि इस सारे खेल के पीछे जो भी लोग हैं उन्हें सामने लाया जाना चाहिए। डोटासरा बोले कि वीडियो में इस मामले की सारी हकीकत सामने आ गई है, भाजपा और संघ भ्रष्टाचार में डूबे हैं। इसका प्रमाण सामने आ चुका है। उधर डोटासरा का बयान आने के बाद उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस पर हमला बोला
उन्होंने कहा कि एसीबी में दर्ज की गई एफआईआर राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। कांग्रेस सरकार मे हालात अंधेर नगरी चौपट राजा जैसे हैं। यह पहला मौका है जब एसीबी ने किसी प्रारंभिक जांच को मुकदमे में तब्दील किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बड़े आकाओं को खुश करने के लिए राष्ट्रवादी संगठन आरएसएस को निशाना बनाने का कुत्सित प्रयास किया गया है। यह सौदा सरकार को महंगा पड़ेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट।



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