प्रदेश में अब निर्माण के लिए निकाय को आवंटन के समय दी गई समय सीमा के अनुसार निर्माण नहीं हुआ तो आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। प्रदेश के नगरीय विकास विभाग ने बुधवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिए।
इसके तहत संबंधित निकायों को 2 अक्टूबर से प्रस्तावित प्रशासन शहरों के संग अभियान से पहले आवंटन निरस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे मामले जिन पर फैसला राज्य सरकार के स्तर पर होना है, उन्हें 31 अगस्त तक सरकार को भेजना होगा। इसके लिए जल्द ही सर्वे शुरू किया जाएगा। भूखंड आवंटन में नीलामी से आवंटित और चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आवंटित कराए गए भूखंड के साथ ही नियमन शिविर के जरिए लिए गए पट्टे शुदा भूखंड भी शामिल होंगे। शहरी निकाय अपने क्षेत्र के सभी इलाकों में ऐसे भूखंडों का सर्वे करेंगे। सर्वे के आधार पर निरस्त करने वाले भूखंडों की सूची बनाई जाएगी। इसके बाद संबंधित भूखंड स्वामी को नोटिस जारी किए जाएंगे और भूखंड धारी की आपत्ति के साथ सुझाव सुनने के बाद निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट।



0 टिप्पणियाँ