ग्रेटर नगर निगम में आज अंदरूनी पोल पट्टी उस वक़्त खुलकर सामने आ गई जब मेयर और कमिश्नर का विवाद सबके सामने आ गया। मेयर के कमरे में मौजूद कमिश्नर ने भाजपा के पार्सदों पर हाथापाई करने का आरोप लगाया और तीन पार्सदों के खिलाफ एफआईआई कराने की बात कहीं,वहीं दूसरी ओर पूरे मामले पर मेयर डॉ सोम्या ने इसे कमिश्नर की सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास बताया।  मेयर सौम्या के अनुसार शहर के हालात खराब है और हमने वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए उन्हे बुलाया था लेकिन उन्होने साफ़ मना कर दिया। मामले में नाटकीय मोड़ तब आया जब  पूरे मामले को लेकर निगम के सफाई कर्मचारी कमिश्नर के पक्ष में आ गए और निर्वाचित पार्षदों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों का कहना था  कि आरोपी पार्षदों की गिरफ्तारी होने तक वे  काम नहीं करेंगे। गौरतलब है कि पिछले दो दिन से बीवीजी कंपनी के कर्मचारियो की हडताल चल रही है जिसको लेकर मेयर ने 3 बजे कमिश्नर को अपने चैम्बर में वार्ता करने के लिए बुलाया था। उस दौरान भाजपा के पार्षद भी मौजूद थे।  कमिश्नर ने कहा कि बीवीजी की वैकल्पिक व्यवस्था करने का उन पर दबाब बनाया जा रहा था।  वहीं मेयर सोम्या का कहना है कि शहर में दो दिन से सफाई नहीं हुई ऐसे में वैकल्पिक व्यव्स्था करना जरूरी है।  वहीं अब कमिश्नर ने बीवीजी कंपनी के भुगतान के संबध में राज्य सरकार को पत्र भेज दिया है लेकिन सबसे बड़ी बात है कि जब तक भुगतान नहीं होता तब तक बीवीजी कंपनी के कर्मचारी हंडताल पर रहेगे ऐसे में सफाई व्यवस्था युब ही चरमराई रहेगी।