राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा क्रियान्वित पीएम कुसुम कम्पोनेन्ट-ए योजना के अंतर्गत राजस्थान के दूसरे सौर ऊर्जा संयंत्र से चूरू जिले की सरदारशहर तहसील के घडसीसर गांव में दिनांक  03 जून 2021 को ऊर्जा उत्पादन प्रारम्भ हो गया हैं। इस परियोजना की स्थापना हेतु विद्युत क्रय अनुबंध दिनांक 2 सितम्बर 2020 को जोधपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से राजस्थान ऊर्जा विकास निगम तथा मैसर्स एस.ए.पी इनर्जी के मध्य 25 वर्ष की अवधि हेतु किया गया हैं। 2 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना का निर्माण लगभग 4 हेक्टेयर भूमि पर किया गया हैं 

     इस सौर ऊर्जा संयंत्र हेतु प्रयुक्त भूमि की खातेदार किरण कवंर है जिनके द्वारा अपनी बंजर एवं अनुपयोगी भूमि मैसर्स एस.ए.पी इनर्जी को 25 वर्ष हेतु लीज पर प्रदान की गई है। इस भूमि पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से भूमि की लीज के रूप मे श्रीमती किरण कवंर को लगभग 3.50 लाख रूपये सालाना की नियमित आय 25 वर्ष तक प्राप्त होगी।

  ऊर्जा मंत्री डॉ0 बी.डी कल्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृृत्व एवं दूरदर्र्शी सोच के आधार पर राज्य सरकार द्वारा राजस्थान सौर ऊर्जा नीति 2019 जारी की गई थी जिसके अन्तर्गत प्रदेश में विकेन्द्रीकृृत सौर ऊर्जा संयंत्रो के माध्यम से अक्षय ऊर्जा को बढावा दिया जा रहा है। ऊर्जा मंत्री डॉ0 बी.डी कल्ला द्वारा इस अवसर पर यह भी अवगत कराया गया हैं कि यह बडे ही गौरव का विषय हैं कि राज्य के कृषक अपनी बंजर एवं अनुपयोगी भूमि पर कुसुम-ए योजना के अन्तर्गत सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के जरिए आय के नए स्त्रोत पैदा कर रहे है। डॉ0 कल्ला के अनुसार राजस्थान सरकार द्वारा बजट घोषणा 2019-20 मे प्रदेश में इस योजना के अन्तर्गत 2600 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसमे से अब तक 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं हेतु लेटर ऑफ अवार्ड जारी किये जा चुके हैं।

    राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ0 सुबोध अग्रवाल द्वारा परियोजना के बारे मे विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया हैं कि इस प्रोजेक्ट से अनुमानित 35 लाख युनिट विद्युत का उत्पादन प्रतिवर्ष होगा जिसे जोधपुर विद्युत वितरण निगम द्वारा रू 3.14 प्रति युनिट की दर पर 25 वर्ष तक क्रय किया जाएगा जिससे विकासकर्ता कम्पनी को लगभग 1.10 करोड का राजस्व प्रतिवर्ष प्राप्त होगा तथा साथ ही भूमि मालिक कृृषक को भी नियमित आय प्राप्त होगी ।

    डॉ0 अग्रवाल के अनुसार प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान ;पी एम कुसुमद्ध योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हैं जिसके कम्पोनेन्ट ए का राज्य मे क्रियान्वयन राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा किया जा रहा हैं। इस योजना के प्रथम चरण मे कुल 722 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएंॅ स्थापित करने हेतु 623 सौर ऊर्जा उत्पादकांे का चयन किया गया हैं। इस योजना के तहत् आगामी चरणों में कुल 2600 मेगावाट क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं।

    डॉ0 अग्रवाल ने यह भी अवगत करवाया कि कुसुम कम्पोनेन्ट -ए योजना के अन्तर्गत प्रदेश में आगामी माह मे 5 और नई परियोजनाओं से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो जायेगा।

    प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा  दिनेश कुमार द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन के बारे में बताया गया कि कुसुम कम्पोनेन्ट-ए का क्रियान्वयन राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम, संबंधित डिस्कॉम तथा राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के संयुक्त तत्वाधान से किया जा  रहा हैं तथा प्रथम चरण मे 623 सौर ऊर्जा उत्पादको ;एस.पी.जीद्ध में से 205 सौर ऊर्जा उत्पादकों द्वारा परियोजना सुरक्षा राशि जमा करा दी गई है। इनमे से 175 एस.पी.जी ने विद्युत क्रय अनुबन्ध साइन कर लिये है।