श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर,

राजस्थान में सिखों के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री गंगानगर के बुड्ढा जोहड़ गुरुद्वारा में अमावस को होने वाली गुरुद्वारा कमेटी की मीटिंग में एकाएक पुलिस द्वारा घुसकर वहां मौजूद लोगों को जबरदस्ती बाहर निकालने के मामले को लेकर सिख संगत में भारी आक्रोश पैदा हो गया है।

        आज दर्जनों की तादाद में विभिन्न गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों ने  अति जिला पुलिस अधीक्षक से इस बाबत शिकायत की।

              गुरुद्वारा बुड्ढा जोहड़ के प्रधान बलराज सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने गुरुद्वारा साहिब में उपस्थित सिख संगत को उग्रवादी कहकर अपमानित किया एवं गुरु घर की मर्यादा को भी अपमानित एवं भंग किया, इससे सारी सिख संगत की भावनाओं को भारी ठेस पहुंची है ।सिख संगत ने कहा कि बेअदबी सिख्संगत कभी बर्दाश्त नहीं  करेगी।

              गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को अमावस होने के कारण गुरुद्वारा बुड्ढा जोहड़ में कोरोना गाइडलाइन के अनुसार गुरुद्वारा कमेटी की मीटिंग चल रही थी किसी अज्ञात शख्स द्वारा मुकलावा थाना में शिकायत करने पर एकाएक मुकलावा थाने कि कई गाड़ियों में पुलिस भरकर गुरुद्वारा पहुंची और वहां मौजूद लोगों को जबरन बाहर खदेड़ दिया । जब एसएचओ मुकलावा से पूछा गया कि यह कार्यवाही क्योंकि की गई तो एसएचओ ने कहा कि यह उच्चाधिकारियों का आदेश है कि सारी संगत एवं कमेटी को वहां से खदेड़ दिया जाए ।

          जिला पुलिस अधीक्षक को इस बाबत शिकायत करने को लेकर आज दर्जनों की तादाद में विभिन्न गुरुद्वारों के सिख प्रतिनिधियों एसपी कार्यालय में एकत्र हुए तथा एसपी राजन दुष्यंत के नही मिलने पर अति पुलिस अधीक्षक सहीराम को इस सारे घटनाक्रम से अवगत करवाया ओर पुलिस की इस जबरिया  कार्यवाही की घोर निंदा की ।

       गुरुद्वारा सिंह सभा के अध्यक्ष पाली कोचर ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि जिसने भी इस बाबत झूठी सूचना दी है उसके खिलाफ एवं पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर निलंबित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि आगामी 1 सप्ताह तक अगर जांच कर सिख संगत को न्याय नहीं दिया जाता ,तो सिख संगत भारी मात्रा में प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन एवं रोष मार्च निकालेगी ।इसमें  कुछ भी गड़बड़ होने पर सारी जिम्मेदारी पुलिस व प्रशासन की होगी।