करौली जिला कलेक्ट्रेट सभागार मे मंगलवार को कृषि विकास कार्यक्रम समन्वय समिति की बैठक का आयोजन हुआ.बैठक मे जिला कलेक्टर अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य व केन्द्र सरकार की कृृषकों के लिए बनायी गई योजनाओं का लाभ जिले के कृषकों को मिले इसके लिए जो योजना हैं उनकी प्रभावी क्रियान्विती कर कृषकों को लाभ दिया जाना सुनिश्चित करें।
जिला कलक्टर सिद्वार्थ सिहाग ने बैठक मे योजनाओं का फीडबैक लेकर अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले मे बीज प्रदर्शन में एकल महिला, विधवा,विकलांग एवं पेंशनर को प्राथमिकता के आधार पर लाभ दिया जाये, उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, बनाये जा रहे फार्म पोंड,मधुमक्खी पालन,फूड प्रोसिसिंग,पाइप लाइन योजना सहित विभागीय योजनाओ कि समीक्षा कि एवं संबंधित अधिकारियों को पालना के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि अच्छी फसलों के प्रति किसानों का रूझान हो इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाये साथ ही जिले में फलदार वृक्ष लगाने और उससे कम पानी में अधिक फसल लेने के लिए कृषकों को भ्रमण पर ले जाकर दिखायें की कैसे दूसरे कृषक भी अपने यहां अधिक पैदावार कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
जिला कलक्टर ने खरीफ फसलों की बुवाई, कृषि कार्यों के भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, फार्मपौंड, सिंचाई पाईपलाईन, कृषि यंत्र, कृषि संकाय में अध्ययनरत छात्राओं को देय प्रोत्साहन राशि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, बीज उर्वरक एवं कीटानाशक की उपलब्धता, कृषक साथी योजना, फसल प्रदर्शन, कृषि वैज्ञानिक संवाद आदि बिन्दुओं पर विस्तार से समीक्षा करते हुए, कृषकों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक मे कृषि एवं परियोजना निदेशक (आत्मा) विजय सिंह डागुर ने भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों के बारे में जानकारी दी. उपनिदेशक कृषि रामलाल जाट ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अन्तर्गत पॉलीहाउस, नवीन बगीचा, मधुमक्खी पालन, एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बारे में जानकारी देते हुए, अबतक किये गये कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी, बैठक में पशुपालन, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
करौली से अवनीश पाराशर,
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