देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की 12वीं परीक्षाओं को रद्द करने के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया है।


मंगलवार को कोर्ट ने फैसला दिया कि दोनों बोर्ड की परीक्षाएं रद्द रहेगी और कमेटी की ओर से परिणाम तैयार करने के लिए जो 30: 30; 40 का फार्मूला दिया है, वह भी कायम रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एएम खानविलकर और न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी की विशेष पीठ ने यह भी आदेश दिए कि जो छात्र ऑफलाइन परीक्षाएं देना चाहेंगे, उनके लिए यह विकल्प भी खुला रहेगा। 


शीर्ष कोर्ट ने कहा कि दोनों बोर्ड ने गहन सोच-विचार के बाद कोरोना को देखते हुए लाखों छात्रों के हित में निर्णय किया है। विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए दोनों बोर्ड के रिजल्ट के फैसले में कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा। जस्टिस खानविलकर ने यह भी कहा कि परीक्षाओं पर अंतिम फैसला करना जरूरी है, क्योंकि अनिश्चितता के चलते छात्रों के दिमाग पर बुरा असर पड़ रहा है। इसी बीच आंध्र प्रदेश प्रदेश सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट की बेंच के समक्ष कहा कि उनके राज्य में 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं होगी। इस पर शीर्ष कोर्ट ने चेतावनी देते कहा कि यदि कोई भी अनहोनी होती है तो आंध्रप्रदेश सरकार इसकी जिम्मेदार होगी।

ब्यूरो रिपोर्ट।