चित्तौड़गढ़ / विगत 7 वर्षों से चित्तौड़गढ की राजनीति का मुख्य मुद्दा बन चर्चा में रहे मेडिकल कॉलेज का आखिरकार निर्माण कार्य शुरू हो ही गया, जिसके अगले में वर्ष के अंत तक पूरा होने की संभावना है
चित्तौड़गढ़ में विगत 7 वर्षों से राजनीति का अखाड़ा बन रहे मेडिकल कॉलेज का काम आखिरकार शुरू हो ही गया करीब 47 बीघा जमीन में बन रहा है इस प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर विगत कई वर्षों से राजनीति गर्माती रही है और इस मेडिकल कॉलेज का श्रेय लेने की होड़ सी मची हुई थी, लेकिन अब जबकि करीब 325 करोड रुपए की लागत से बनने वाले इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है,जिसके की वर्ष 2022 के अंत तक पूरा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है,
इसकी जानकारी देते हुए चित्तौड़गढ़ के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने बताया कि वर्ष 2013 में उनके अथक प्रयासों से मेडिकल कॉलेज चित्तौड़गढ़ में लगाने की अनुमति मिली थी उसके बाद सरकार बदलने के साथ ही राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया और चित्तौड़गढ़ में भाजपा के विधायक होने के बावजूद भी चित्तौड़गढ़ को भाजपाई विधायक मेडिकल कॉलेज दिलाने में नाकाम रहे लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने जिले वासियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए चित्तौड़गढ़ मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री से कई बार बैठकर चित्तौडग़ढ़ में मेडिकल कॉलेज की आवश्यकता जताई थी, वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर सिर्फ राजनीति की है और मेडिकल कॉलेज के मुद्दे को 5 साल का ठंडे बस्ते में डाले रखा है, उन्होंने बताया कि करीब 325 करोड रुपए की लागत से बनने वाले इस मेडिकल कॉलेज के बनने के बाद चित्तौड़गढ़ में चिकित्सा सुविधाएं भी बढ़ेगी
जिसका लाभ चित्तौड़गढ़ जिले की जनता को मिलेगा उन्होंने बताया कि 9 मई को वीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने इस मेडिकल कॉलेज शिलान्यास किया था उन्होंने बताया कि एक मेडिकल कॉलेज निर्माण में 60% राशि केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार वहन कर रही है उन्होंने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज के लिए बोजुन्दा मे भूमि नगर परिषद की ओर से निशुल्क दी गई है
चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट

0 टिप्पणियाँ