सीकर जिले के नीमकाथाना इलाके के पाटन थाना अंतर्गत मोठूका की ढाणी जीताला में एक व्यक्ति की मौत होने के बाद उसकी अस्थियां चोरी होने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने उसके चाचा को ही आरोप लगाया है। फिलहाल परिजनों ने पाटन थाने में मामला दर्ज करवाया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।जानकारी के अनुसार 13 मई को ग्यारसी लाल यादव की मौत हो गई थी।
परिजनों ने मृतक का कोरोना काल में अंतिम संस्कार किया तथा 17 मई को मृतक को हिंदू रीति नीति के अनुसार शमशान भूमि में सोरणी कर बैठाया तत्पश्चात हस्तियां (फूल) लेकर पीपल के पेड़ के नीचे सुबह करीब 9:00 बजे दबा दिया गया और ऊपर बड़ा पत्थर रख दिया गया ताकि कोई हस्तियों को नहीं निकाल सके। उसी दिन दोपहर करीब 3 बजे मृतक की हस्तियां विसर्जन के लिए गंगा जी ले जानी थी, परिजन जब पीपल के पेड़ के नीचे गए तो वहां पर दबाई हुई अस्थियां गायब मिली।
इस बारे में मृतक के परिजन एवं पुत्र राकेश ने मामला दर्ज कराया राकेश पुत्र ग्यारसीलाल ने बताया कि मेरे पिता की हस्तियां जो हमने पीपल के पेड़ के नीचे दबाई थी तथा जिनको गंगा जी में प्रवाहित करनी थी नहीं मिली, जब जानकारी जुटाई तो परिवार में ही जो चाचा लगता था उस व्यक्ति ने इस तरह की घिनौनी हरकत कर हमारे पूरे परिवार को सदमे में पहुंचा दिया।
जिस दौरान मेरे चाचा ने मेरे पिता की अस्थियां चुराई थी उसी दिन हमने हमारे समाज के मौजीज लोगों को इकट्ठा किया तथा अस्थियां चुरा कर ले जाने वाले चाचा को बुलवाया तथा हस्तियां लाने को कहा परन्तु जब वह नहीं लाया तो उसको 3 दिन का समय दिया गया। इसी दौरान उनके भी परिवार में एक महिला की मौत हो गई जिस कारण हमने एवं समाज के लोगों ने भी ज्यादा दबाव नहीं बनाया तथा नांही कानूनी कार्यवाही की जासकी। अब मृतक के परिजनों ने इस बारे में प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घिनौनी हरकत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए जिससे भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति ना हो सके।
सीकर से सुरेंद्र माथुर की रिपोर्ट


0 टिप्पणियाँ