ब्यूरो रिपोर्ट!प्रदेश में लॉकडाउन से पहले ही घाटे से जूझ रही रोडवेज में लॉकडाउन के बाद आर्थिक हालात और भी खराब हो गए हैं। रोडवेज के कई कर्मचारियों को समय से वेतन नहीं मिला है और तो और रिटायरमेंट होने के बावजूद कई कर्मचारियों को ना तो पेंशन मिली है 


और न ही उन्हें अन्य भुगतान अभी तक प्राप्त हुआ है। रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों के अनुसार लॉक डाउन के चलते वेतन नहीं मिलने से रोडवेज कर्मियों को उधारी से अपना काम निकालना पड़ा है लेकिन अब तो उधारी का भी संकट हो गया है। राजस्थान स्टेट रोडवेज एंप्लाइज यूनियन के अनुसार अगस्त 2016 से मई 2021 तक 58 महीनों के दौरान रोडवेज में 4000 से ज्यादा कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं। इन कार्मिकों के 500 करोड़ रुपए से अधिक सेवानिवृत्ति लाभ बकाया है।



 प्रत्येक सेवानिवृत्त कर्मचारी के औसतन 13 लाख रुपए बनते हैं। भुगतान नहीं होने से हर महीने सेवानिवृत्त होने वाले 80 से 100 कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभों का 10 से ₹13 करोड़ का भार बढ़ता जाएगा। आपको बता दें कि यूनियन की ओर से कई बार किए गए विरोध प्रदर्शनों के बावजूद रोडवेज में अभी तक सातवां वेतन आयोग भी लागू नहीं किया गया है।