ब्यूरो रिपोर्ट। 

कोरोना काल में सियासत का  डिस्टैन्सिंग वाला हो गया है।  डाँग क्षेत्र से विधायक और सचिन पायलट गुट के पूर्व मंत्री रमेश मीणा एक से अधिक कारणों से अपनी बात व्यक्तिगत रूप से CM गहलोत के समक्ष हैं रख सकते लेकिन हाड़ौती के भरत सिंह सभी को पत्र लिखकर अपनी बात ऊपर तक पहुंचाने का तरीका सीखा दिया है। अब पूर्वमंत्री  रमेश मीणा ने सीएम गहलोत को पत्र लिखा है तथा वन विभाग के रेंज करौली और मासलपुर में हुए भ्रष्टाचार की ACB से जांच की मांग की है।  मीणा ने पत्र में लिखा कि वन विभाग की करौली और मासलपुर रेंज में वानिकी कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है ,अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी कार्य में घोटाला हुआ और नरेगा योजना के तहत इको रेस्टोरेशन कार्य में भी भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने कहा कि मौके पर नहीं हुए कार्य और उसके बावजूद भुगतान उठा लिया गया।  मीणा ने अपने पत्र में 34 विभिन्न कार्यों में फर्जी मस्टररोल के जरिए 589.64 लाख के घोटाले के आरोप लगाए हैं। विधायक मीणा ने ACB से जांच करा दोषियों को दंडित करने का आग्रह किया है।