ब्यूरो रिपोर्ट, बिजली बंद के दौरान भी मीटर चालू रहने की शिकायतें सामने आने के बाद जयपुर डिस्कॉम ने मीटर बनाने वाली कंपनी का भुगतान रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को पाबंद किया गया है कि वह इस कंपनी की बैंक गारंटी भी रिलीज नहीं करें।

हालांकि अब तक लगाए जा चुके चार लाख मीटर की जांच के संबंध में फैसला सामने नहीं आया है कि उन मीटर का क्या होगा? वही जिन उपभोक्ताओं के मीटर में गड़बड़ी निकली है उन पर पड़े आर्थिक बोझ की भरपाई कौन करेगा। इस दिशा में भी कोई निर्णय अभी नहीं हो पाया है। आपको बता दें कि डिस्कॉम से मिले आदेश के बाद मीटर निर्माता जीनस कंपनी ने लगभग 4 लाख मीटर सप्लाई किये थे। इनमें से कई मीटर ऐसे निकले जो बिजली बंद होने के बाद भी रीडिंग को बढ़ाते रहें।



 इस इस बारे में विभाग को मिली शिकायतों के बाद हुई जांच के दौरान शिकायतें सही पाई गई। आपको बता दें कि डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता के पास सीधे तौर पर मीटर खरीद और अन्य मैटेरियल मैनेजमेंट का काम रहता है। मीटर के तकनीकी पैरामीटर तैयार करने का काम भी यहीं से होता है। हालांकि स्वीकृति उच्च स्तर पर मिलती है। मीटर और अन्य खरीदे गए सामान की जांच के लिए इंजीनियरों का पैनल बना हुआ है जो कि अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में काम करता है। यह पैनल ही अनुबंधित कंपनी की फैक्ट्री में पहुंचकर जांच करता है। स्टोर में पहुंचने से पहले मीटर की जांच बिजली कंपनी की टेस्टिंग लैब में होती है। इतनी सारी कवायद के बावजूद मीटर में गड़बड़ी आना, कहीं ना कहीं सिस्टम में भी गड़बड़ी होने का भी संकेत दे रहा है।