देश में कोरोना की दूसरी लहर की विदाई के बीच अब नए खतरे सामने आ रहे हैं। कोरोना ने अपना रूप एक बार फिर बदल लिया है। इस महामारी की दूसरी लहर का सबसे बड़ा कारण रहा डेल्टा वैरीएंट अब डेल्टा प्लस होकर 60% तक ज्यादा संक्रामक हो गया है।
देश के 8 राज्यों में डेल्टा प्लस के अब तक 40 मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार अब सतर्क हो गई है। केंद्र ने इसके लिए राज्यों को एडवाइजरी भी जारी की है। भारतीय जिनोमिक्स कंसोर्सियम के अनुसार यह नया वेरिएंट फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर पर जाकर चिपक जाता है।
वैक्सीन निर्माताओं के दावे के बावजूद कोवैक्सीन और कोवीशील्ड की कुशलता दर इस नए म्यूटेशन पर अभी तक प्रमाणिक नहीं हुई है। इस वायरस पर प्रतिरोधी तंत्र का असर भी कम पड़ता है। यानी दवाएं भी इसके खिलाफ कारगर सिद्ध नहीं होती। अमेरिका मे व्हाइट हाउस के चिकित्सा सलाहकार डॉक्टर एंथोनी फाउसी के अनुसार कोरोना का डेल्टा प्लस वैरीएंट बेहद संक्रामक है
। 2 हफ्ते पहले तक नए मामलों में से 10% में यह वैरीएंट पाया गया था, जो अब दुगना हो गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना के नए केस में 90% कारण डेल्टा प्लस रहेगा। यह अमेरिका सहित कई देशों में सामने आ चुका है। भारत के भी 8 राज्यों में इसके होने की पुष्टि हुई है, जिनमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 21 मरीजों में नया म्युटेंट पाया गया है।
.ब्यूरो रिपोर्ट।



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