अब प्रदेश में अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवाओं के गैर तकनीकि पदों के लिए अलग-अलग पात्रता परीक्षा नहीं होगी। राज्य सरकार ने इन पदों की समान पात्रता परीक्षा के लिए नियम कायदे तय कर दिए हैं। बुधवार को जारी किए गए कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार इस समान पात्रता परीक्षा से स्नातक स्तर की 16 और उच्च माध्यमिक स्तर की आठ भर्तियों की पात्रता तय की जाएगी।
इस परीक्षा का आयोजन राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड साल में एक बार करेगा। अभ्यर्थियों की ओर से समान पात्रता परीक्षा में अर्जित अंकों की वैधता तीन साल की होगी यानी कोई भी अभ्यर्थी एक बार परीक्षा में अर्जित अंकों के आधार पर 3 साल तक संबंधित पदों पर आवेदन करने के लिए योग्य माना जाएगा।
वही कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार समान पात्रता परीक्षा संबंधी प्रावधान, इससे पहले विज्ञापित की गई भर्तियों पर लागू नहीं होंगे। पहले से प्रक्रियाधीन विज्ञापित सभी भर्तियां पूर्व निर्धारित किया और तय कार्यक्रम के अनुसार ही जारी रहेगी। इस आधार पर होने वाली पटवार भर्ती परीक्षा समान पात्रता परीक्षा के प्रावधान से बाहर रहेगी। पटवार भर्ती की एक ही परीक्षा होगी। आपको बता दें कि साल में एक बार समान पात्रता परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा बजट घोषणा के दौरान की थी।
ब्यूरो रिपोर्ट।



0 टिप्पणियाँ