भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय मंत्री डॉ अलका गुर्जर ने एक बयान जारी कर कहा कि राजस्थान मैं दो पाटों में उलझकर आपसी मल्लयुद्ध में व्यस्त कांग्रेस सरकार कोरोना जैसी वैश्विक आपदा के समय में भी प्रदेश वासियों को राहत देने और हौसला बढ़ाने में विफल रही है और अपनी आदत के अनुसार जनता का ध्यान भटकाने के लिए केंद्र पर झूठे आरोप-प्रत्यारोप कर धरना प्रदर्शन के द्वारा सीधे सच्चे राजस्थानियों को बरगलाना चाहती है लेकिन इस वीर भूमि का हर व्यक्ति इनकी कुत्सित मानसिकता और चाल को समझ चुका है और जनता ही इन्हें जवाब देगी।
डॉ अलका गुर्जर ने कहा कि : राजस्थान में पेट्रोल पर सर्वाधिक वैट वसूला जा रहा है। अगर कांग्रेस सरकार सही में जनता की हितैषी है तो वेट कम करने की तुरंत घोषणा करें जो इनसे कभी हो नहीं पाएगा।
डॉ गुर्जर ने कहा कि एक तरफ तो कोरोना प्रबंधन के नाम पर आम जनता पर हर तरह के प्रतिबंध लगाए जाते हैं और अपनी ही गाइडलाइन की धज्जियां राजस्थान की कांग्रेस सरकार के कर्ता-धर्ता उड़ाते हैं चाहे जनाजे की भीड़ हो या फिर प्रदर्शन के नाम पर पूरे राज्य में भीड़ एकत्रित करने का अनुचित कार्य।
डॉ अलका ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन के नाम पर जनता के साथ जो इस राजस्थान में हुआ वह कहीं और ना हो यही समय की आवश्यकता है सभी को पता है कि वैक्सीन प्रबंधन इस सरकार का कैसा रहा है?? आम नागरिक और युवा वैक्सीनेशन के लिए भटक रहे थे और वैक्सीन कचरा पात्रों में पहुंचाई जा रही थी, और जब प्रधानमंत्री जी ने सभी के वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया तो अचानक आज युवाओं के लिए वैक्सीन एक ही दिन में बहुतायत से कैसे प्रकट हुई है यह बताएं राजस्थान सरकार???
राजस्थान की चरमराती कानून व्यवस्था पर प्रहार करते हुए डॉ अलका गुर्जर ने कहा कि कोई दिन ऐसा नहीं जा रहा है जब माताओं और बहनों के साथ दुष्कर्म का समाचार नहीं आ रहा है चाहे स्कूल हो, घर हो, इस सोई हुई गहलोत सरकार के राज में महिलाएं पूर्णतया असुरक्षित हो चुकी है लेकिन मुख्यमंत्री जो खुद गृहमंत्री हैं निष्फिक्र होकर वीसी कर रहे हैं , सरकार के मंत्री आपस में द्वंद युद्ध कर रहे हैं चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपमान हो रहा है और इन्हीं सब हरकतों के द्वारा जनता का ध्यान भटकाने का कार्य किया जा रहा है ताकि सरकार की जिम्मेदारी पर कोई बोल ना पाए और कुर्सी बची रह जाए।
डॉ गुर्जर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री गहलोत जी को कहना चाहूंगी कि राजनीतिक पैंतरेबाजियों से परे होकर अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझ कर राजस्थान की जनता के मददगार बने, कानून व्यवस्था को सुधारें, कोरोना जैसी भीषण आपदा से जूझ रही जनता को सही मायने में राहत पहुंचाने हेतु कार्य करें यही समय की आवश्यकता है बाकी छल प्रपंच कूटनीति को भी इस विषम समय में परमानेंट लाकडाउन कर दें ताकि आम राजस्थानी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके।


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