कोटा से हंसपाल यादव की रिपोर्ट। 

जेके लोन अस्पताल में बुधवार को नवजात की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल के अधीक्षक की टेबल पर मृत नवजात के शव को रख दिया और पूछा कि हमारा नवजात कैसे मरा। इसके पहले परिजन मृत नवजात के शव को कलेक्ट्रेट भी लेकर गए थे। लेकिन वहां स्टाफ ने परिजनों को कलेक्टर से मिलने नहीं जाने दिया। जब मामले की सूचना कोटा कलेक्टर तक पहुंची तो उन्होंने अस्पताल से पूरे मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। इधर, जेके लोन अस्पताल में करीब ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा। हंगामे की सूचना पर बड़ी संख्या में आरएसी के जवान और नयापुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और परिजनों को समझाया। एमबीएस चौकी प्रभारी मुकेश गोचर ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि जेके लोन अस्पताल में हंगामा हो रहा है. जब वे मौके पर पहुंचे तो पता चला कि डीसीएम इंदिरा गांधी नगर निवासी माधुरी को 8 जून दोपहर 1 बजे के अस्पताल में भर्ती कराया था। जिसकी बुधवार को नॉर्मल डिलीवरी हुई। लेकिन नवजात मृत पैदा हुआ।

जिसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोपमृत नवजात की दादी कमला ने बताया कि उन्होंने डॉक्टरों से ऑपरेशन करने के लिए कहा था। लेकिन उन्होंने ऑपरेशन नहीं किया। अस्पताल की नर्से भी उससे नवजात के जन्म पर पैसे मांग रही थी। दादी का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ अपने जानने पहचानने वालों का ही अच्छे से उपचार करते हैं। बाकि लोगों को वो अपने हाल पर छोड़ देते हैं।  मृत नवजात के दादा महावीर नामा ने बताया कि जैसे ही उन्हें नवजात की मौत की सूचना मिली वो अस्पताल पहुंचे। यहां पहुंचने पर उन्हें अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ बदतमीजी की।

 नवजात की मौत के बाद पिता बेहोश

मृत नवजात पैदा होने की खबर सुनते ही परिवार पर कहर टूट गया। पिता निशांत की तबीयत बिगड़ गई और वह जेके लोन अस्पताल में ही बेहोश होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। जेके लोन अस्पताल प्रशासन ने क्या कहाजेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक मूंदड़ा का कहना है कि गर्भवती माधुरी को 6 जून को संभावित डिलीवरी की तारीख दी गई थी। गर्भवती महिला के परिजनों ने उसको 8 जून को अस्पताल में भर्ती करवाया था। गायनी विभाग नॉर्मल डिलीवरी कराने की कोशिश में था। लेकिन डिलीवरी के बाद महिला ने मृत नवजात को जन्म दिया। डॉ. अशोक मूंदड़ा ने कहा कि परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत की है। पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट गायनी विभागाध्यक्ष से मांगी गई है। यदि परिजन इस मामले में कार्रवाई चाहते हैं, तो पूरे प्रकरण की जांच भी करवाई जाएगी। वहीं पुलिस की समझाइश के बाद परिजन शव लेकर चले गए। लेकिन परिजनों ने मामले में अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही है।