ब्यूरो रिपोर्ट।
कार्यवाहक मेयर का पद सँभालने के बाद अपनी पहली ही बैठक में शील धाभाई ने अपने अनुभव का परिचय दिया और हुडकों की 100 करोड़ की फाइल को सरकार के पास गांरटी के लिए भेज दिया। इसके अलावा भी आज की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए लेकिन साथ ही बैठक में एक भी पार्षद और समितियों के चैयरमेन को नहीं बुलाना चर्चा का विषय रहा। बैठक में आयुक्त यज्ञ मित्र सिंहदेव, अतिरिक्त आयुक्त ब्रजेश कुमार चांदोलिया तथा जोन उपायुक्त मौजूद रहे। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कार्यवाहक मेयर शील धाभाई ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था हमारी पहली प्राथमिकता है जिसको लेकर 7दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था एकदम दुरूस्त के निर्देश दे दिए गए है। उन्होंने कहा कि बीवीजी के भुगतान सम्बन्धी मामलों की नियमानुसार गणना कर एक सप्ताह में निस्तारित करने के भी आदेश दिए।
पहली बैठक के महत्वपूर्ण निर्णयः-
1-हुड़कों से प्राप्त होने वाले 100 करोड़ रूपये के लोन की पत्रावली का अनुमोदन कर गारन्टी हेतु राज्य सरकार को प्रेषित किया गया।
साधारण सभा की बैठक के निर्णयों का क्रियान्वन प्रारम्भ
2-महापौर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में साधारण सभा में लिये गये निर्णयों की पालना में पार्षदों को दिये जाने वाले लैपटाॅप की पत्रावली की टेन्डर प्रक्रिया प्रारम्भ करने हेतु पत्रावली का अनुमोदन किया गया।
3-सड़क पर इकट्ठा होने वाले कचरे के संग्रहण हेतु लम्बे समय से चली आ रही हाथ गाड़ी खरीद की पत्रावली का भी अनुमोदन किया गया। गौरतलब है कि यह निर्णय भी साधारण सभा में लिया गया था।
4-जल्द बनेगे प्रत्येक वार्ड में हाजरीगाहः-
प्रत्येक वार्ड में बनाये जाने वाले हाजरीगाह की निविदा पत्रावली का अनुमोदन कर कार्यादेष जारी किये गये। प्रत्येक वार्ड में हाजरीगाह बनने से सफाई व्यवस्था में लगे कार्मिकों की उपस्थिति सुनिष्चित होगी और कार्य में पारदर्षिता आयेगी।
5-प्रत्येक वार्ड में जाॅब बेसिस पर लगाये जाने वाले 2 सफाई कर्मियों की निविदा पत्रावली का अनुमोदन किया गया। जिससे शीघ्र ही प्रत्येक वार्ड के लिये 2 अतिरिक्त सफाई कर्मी उपलब्ध होगे।
6-पार्षदों की षिकायत पर लिया संज्ञान, जांच के निर्देश
पहली बैठक में ही महापौर ने पार्षदों द्वारा पार्षद कार्यालयों के लिये खरीदे गये फर्नीचर की क्वालिटी के मामले में की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुये फर्नीचर की क्वालिटी की जांच करवाने के निर्देष दिये। उन्होंने निर्देष दिये कि यदि जांच में फर्नीचर की क्वालिटी खराब पाई जाती है तो उसे तुरन्त रिप्लेस किया जाये।


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