ब्यूरो रिपोर्ट, देश में बनी दोनों वैक्सीन कोवैक्सीन और कोविशील्ड के बारे में अब तक यह माना जा रहा था कि कोवैक्सीन के बेहतर परिणाम है और इसकी दोनों डोज जल्दी ही पूरी हो जाती है बजाएं कोविशील्ड के। लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च में यह धारणा बदल दी है। रिसर्च में सामने आया जिन लोगों ने कोविशील्ड लगाई। उनमें से 98.1℅ लोगों मे एंटीबॉडी डवलप हुई।


वही कोवैक्सीन लगाने वाले 80% लोगों मे ही एंटीबॉडी पाई गई। इस रिसर्च में यह भी पता लगा कि कोई शील्ड की पहली खुराक के बाद शरीर में एंटीबॉडी का स्तर को वैक्सीन की तुलना में ज्यादा होता है। हालांकि इसे क्लिनिकल प्रैक्टिस में शामिल नहीं किया गया। 



आपको बता दें कि रिसर्च में। 552 स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया था जिनके दोनों डोज लग चुकी थी । इनमें से 456 को कोविशील्ड और 96 को कोवैक्सीन की दोनों डोज लगाई गई थी। वैसे देखा जाए तो दोनों ही वैक्सीन ने रोग प्रतिरोधक क्षमता को अच्छी तरह बढ़ाया है।