ब्यूरो रिपोर्ट!प्रदेश में कोरोना के इलाज में काम आने वाले रेमडेसीविर इंजेक्शन के बाद अब ब्लैक फंगस के इलाज में काम आ रहे  एम्फोटेरेसिन - बी इंजेक्शन की किल्लत शुरू हो गई है। प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती लगभग ढाई हजार ब्लैक संघर्ष के मरीजों के लिए 5000 इंजेक्शन की रोजाना जरूरत है



 लेकिन जरूरत का चौथाई भाग भी नहीं मिल पा रहा। केंद्र की ओर से 36 सो इंजेक्शन का कोटा जारी किया गया था। उसकी भी खेप 5 जून तक पहुंचने की संभावना है। इंजेक्शन के अभाव में चिकित्सक वैकल्पिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक आलोक रंजन के अनुसार प्रदेश में इंजेक्शन की कमी के चलते वैकल्पिक दवाओं को काम में लिया जा रहा है और इनका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। आपको बता दें कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की तरह ब्लैक फंगस के एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन का भी केंद्र ही आवंटन कर रहा है।