पाली से मनोज शर्मा की रिपोर्ट।
पाली जिले के सोजत रोड थाना क्षेत्र के बोरनड़ी गांव में बेरा समुंद्रा पर 180 फीट गहरे कुएं में दबे युवक को अभी तक निकाला नहीं जा सका है। मंगलवार को एक 17 वर्षीय युवक एवं एक अन्य श्रमिक कुएं में 20 फीट पर मरम्मत का कार्य कर रहे थे। मरम्मत कार्य के दौरान ही अचानक 180 फीट गहरा कुआं ढह गया और 17 वर्षीय युवक अंदर ही मलबे में दब गया जबकि अन्य श्रमिक एक रस्से पर लटक गया जिससे उसकी जान बच गई।
अब यहां जेसीबी से लगातार खुदाई की जा रही है, ताकि मलबे में दबे युवक को बाहर निकाला जा सके। सांसद पी पी चौधरी, कलेक्टर अंशदीप एवं एसपी कालूराम रावत ने भी आज बचाव कार्य का जायजा लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में 8 फीट चौड़े 180 फीट गहरे कच्चे कुएं से लगातार मिट्टी गिरने का क्रम जारी हैं। जिससे कुआं दलदल बनता जा रहा हैं। ऐसे में कुएं में किसी को उतारना खतरा मोल लेने जैसा प्रशासन को लग रहा हैं। ऐसे में अब पुलिस-प्रशासन की देखरेख में कुएं के चारों तरफ जेसीबी से 40 फीट तक की खुदाई की जा रही हैं। जिससे की कुएं से मिट्टी को निकाला जा सके। उसके बाद 180 फीट गहरे कुएं में मिट्टी के नीचे दबे युवक काे निकाले जाने की कार्रवाई शुरू की जा सके। मौके पर मारवाड़ जंक्शन तहसीलदार रामलाल मीणा, सीओ सोजत हेमंत जाखड़ के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन टीम रेस्क्यू में जुटी हुई हैं। तहसीलदार ने रेलवे की जेसीबी भी मौके पर मंगवाई हैं। जिससे 180 फीट गहरे संकरे कुएं में मिट्टी के नीचे दबे युवक को निकाला जा सके।
सांसद चौधरी, कलेक्टर, एसपी पहुंचे मौके पर।
दोपहर को सांसद पीपी चौधरी, जिला कलेक्टर अंश दीप, पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत भी मौके पर पहुंचे। अभी तक की कार्रवाई की जानकारी सांसद चौधरी ने कलेक्टर, एसपी से ली। इस दौरान सांसद पीड़ित परिवार व ग्रामीणों से भी मिले।
रात एक बजे तक चला रेस्क्यू, सफलता अब भी दूर।
तहसीलदार रामलाल मीणा ने बताया कि मंगलवार शाम करीब चार बजे रेस्क्यू शुरू हुआ जो रात करीब एक बजे तक चला। उसके बाद बुधवार सुबह वापस रेस्क्यू शुरू किया गया। मौके पर तीन जेसीबी, व तीन ट्रेक्टर से काम लिया जा रहा हैं। इसके साथ ही दो मोटर से कुएं का पानी तोड़ा जा रहा हैं। एसडीआरएफ भी टीम भी मौके पर ही हैं। जानकारी के अनुसार मृतक परिवार में कमाने वाला अकेला था। ऐसे में उसके साथ हादसा होने से परिवार सदमे में हैं।
पुलिस-प्रशासन के पास नहीं रेस्क्यू के पर्याप्त साधन।
कुआं महज 8 फीट चौड़ा हैं तथा करीब 180 फीट गहरा हैं। जिसमें लगातार मिट्टी ढह रही हैं। ऐसे में कुएं में मिट्टी में दबे मजदूर को निकालना पुलिस-प्रशासन के लिए टेड़ी खीर जैसा बना हुआ हैं। जिसका मुख्य कारण इतनी गहराई से मिट्टी निकालने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होना भी है। अब सभी को इंतजार है इस रेस्क्यू के जल्द से जल्द सफलता पूर्वक पूरा होने का।




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