अजमेर से नवीन वैष्णव की रिपोर्ट। 

अजमेर में नशीली दवाओं का कारोबार फल फूल रहा है। जिला स्पेशल टीम की सूचना पर दो थाना क्षेत्रों में 35 लाख टेबलेट व इंजेक्शन जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य आरोपी श्याम सुंदर मूंदड़ा फिलहाल फरार चल रहा है।

अजमेर दक्षिण वृताधिकारी मुकेश सोनी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दवा विक्रेता श्याम सुंदर मूंदड़ा की पूर्व में पकड़ी गई पांच करोड़ की दवाओं को ठिकाने लगाने वाले आरोपी शेख साजिद से मिली सूचनाओं के आधार पर रामगंज और अलवर गेट थाना क्षेत्र में स्पेशल टीम ने कार्रवाई की। अलवर गेट थानाधिकारी सुनीता गुर्जर के नेतृत्व में धौलाभाटा क्षेत्र के पप्पी सरदार के मकान से गौतम नगर निवासी कमल द्वारा रखी साढ़े 17 लाख टेबलेट व रामगंज थानाधिकारी सतेन्द्र सिंह नेगी के नेतृत्व में हरिजन बस्ती निवासी मुकेश टांक के गोदाम में रखी 17 लाख से अधिक नशीली दवाएं व इंजेक्शन जब्त किए गए हैं। यह सभी दवाएं एनडीपीसी के दायरे में आती है। पूर्व में भी ऐसी दवाएं पकड़ी जा चुकी है। पकड़े गए आरोपी कमल और मुकेश हरिजन ने कबूल किया है कि उक्त दवाएं शेख साजिद ने श्याम सुंदर मूंदड़ा के कहने पर रखने की बात कबूली है। डीएसपी सोनी ने कहा कि पूर्व में जयपुर के रमैया फार्मा से यह दवाएं यहां आने की पुष्टि हुई थी। इस बार मिली दवाओं के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्य सरगना श्याम सुंदर मूंदड़ा की तलाश में कई टीमें रवाना की गई है। जल्द ही श्याम सूंदर मूंदड़ा को दबोच कर मामले में और कौन लोग शामिल है। इसका खुलासा किया जाएगा। पूरी कार्रवाई में क्लॉक टावर थानाधिकारी दिनेश कुमावत, स्पेशल टीम इंचार्ज महावीर शर्मा व उनकी टीम का भी अहम योगदान रहा।