ब्यूरो रिपोर्ट, आगरा निवासी ब्रजकिशोर को जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि वो नींबू और लड्डू के फेर में जेब में रखे ₹50000 गंवा देगा। आगरा से जयपुर अपने बेटे का इलाज कराने आए ब्रजकिशोर को किसी ने कहा कि नींबू और लडडू मंदिर में चढ़ा दो तो बेटे की बीमारी में फर्क पड़ेगा। वह बात मानकर s.m.s. से नींबू और लड्डू लेने के लिए ऑटो में सवार हुआ। 

बाद में उतर के जेब संभाली तो जेब के चीरा लगा हुआ था और ₹50000 नदारद थे। यानी किसी ने ऑटो में ही बृजकिशोर की जेब काटी। थक हार कर बृज किशोर ने बजाज नगर थाने में इस बाबत रिपोर्ट दर्ज कराई। आपको बता दें कि 8 मई को ब्रजकिशोर के छोटे बेटे देव की तबीयत खराब हुई और थोड़े समय बाद ही उसकी मौत हो गई।


उसके कुछ दिन बाद बड़े बेटे निखिल की भी तबीयत खराब हो गई जिसका s.m.s. अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसी दौरान किसी ने उसे नींबू और लड्डू मन्दिर मे चढ़ाने की बात कही। ब्रजकिशोर यह लेने के लिए ऑटो में सवार हुआ। वहां पहले से ही बैठे बदमाशों ने उसे हमदर्दी दिखाते हुए बातों में उलझाया और इसी दौरान पेंट की जेब के चीरा लगाकर ₹50000 निकाल लिए। 

ऑटो चालक ने उसे लक्ष्मी मंदिर चौराहे पर उतार दिया और बिना किराया लिए ही चला गया। बाद में जब उसने जेब संभाली तो उसे अपने साथ वारदात होने का पता लगा।