प्रदेश में एसीबी की टीम ने शुक्रवार देर रात राजधानी जयपुर में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जयपुर टीम ने श्रम आयुक्त प्रतीक झाझडिया को ₹300000 की मासिक बंधी वसूलते शुक्रवार रात रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

 झांझडिया जयपुर के गांधीनगर स्थित सरकारी आवास पर आर्थिक परिषद में ओएसडी के निजी दलाल रवि मीना से बंधी ले रहे थे। एसीबी के डीजी बीएल सोनी के अनुसार इनकी पिछले कई महीने से शिकायत मिल रही थी,ये फैक्ट्री और औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों को परेशान करने की शिकायतें को लेकर मालिकों से बंधी वसूलते हैं।


 आपको बता दें कि ये शिकायतें यूनियन की तरफ से श्रम विभाग में की जाती रही है। लेकिन श्रम आयुक्त मासिक बंधी लेने के बाद उन पर कोई कार्यवाही नहीं करते। एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन के अनुसार श्रम आयुक्त पर पिछले 6 महीने से बराबर नजर रखी जा रही थी। एक बार दलाल रकम देकर चले गए। 3 दिन पहले ही करौली के श्रम निरीक्षक से दलाल रवि मीणा और अमित शर्मा ने बंधी के ₹300000 इकट्ठे किए थे। अमित करौली से रकम लेकर जयपुर पहुंचा और यहां रवि मीणा के साथ शुक्रवार रात 8:00 बजे श्रम आयुक्त के आवास पर पहुंचा था।


 श्रम आयुक्त के घर के बाहर अमित कार में बैठा रहा जबकि रवि ₹300000 लेकर अंदर चला गया। थोड़ी देर में एसीबी की टीम ने अमित को कार में ही पकड़ लिया और घर में घुसकर टेबल पर रखे ₹300000 के साथ श्रम आयुक्त प्रतीक झांझरिया के साथ रवि मीणा को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। देर रात तक एसीबी टीमें सवाई माधोपुर चित्तौड़ और करौली के श्रम विभाग के अधिकारियों के आवास पर सर्च में जुटी थी

ब्यूरो रिपोर्ट।