ब्यूरो रिपोर्ट, देश में इस बार मई महीने के दौरान आए दो समुद्री तूफानों की हलचल से मई का पूरा महीना पिछले 121 सालों में दूसरी बार सबसे कम तापमान का महीना साबित हुआ। पिछले 121 साल में 31 साल बाद ऐसा दूसरी बार हुआ है।
अरब सागर से उठे समुद्री तूफान ताऊते और बंगाल की खाड़ी से आए तूफान यास के चलते मई महीने के दौरान देशभर में अच्छी बारिश हुई। पूरे देश में 107.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके चलते मई में दिन का औसत तापमान सबसे कम 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार इस बार जून में भी झुलसाती गर्मी का एहसास नहीं होगा। देखा जाए तो पिछले कई सालों में इस बार तापमान प्रदेश में अधिकतम 45 डिग्री तक रहा है। राजधानी जयपुर में तो इस बार अधिकतम पारा 42 डिग्री के आसपास ही रहा है।
जबकि 2019 में 46. 3 और 2014 में 47 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रिकॉर्ड किया गया था। अब प्रदेश में प्री मानसून गतिविधियां शुरू हो रही है। इसके चलते तापमान मे इतनी बढ़ोतरी नहीं होगी जितनी कि जून के महीने में होती है। विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते प्री मानसून बारिश का दौर शुरू हो रहा है और प्रदेश में मानसून की एंट्री 25 जून तक हो सकती है।मौसम विभाग ने इस बार मानसून के सामान्य रहने और सितंबर के आखिर तक अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया है।



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