डॉ. पीयूष त्रिवेदी
गाड़ी में सफ़र करते समय उलटी क्यों आती है?
सफर में उलटी होना, या जी मचलाना, यह एक आम समस्या है, यह कोई बीमारी नहीं है,लेकिन जिसको होता है, उसे परेशान कर देता है, यह एक बार शुरू हो जाने पर थमने का नाम ही नहीं लेता है, न दवाई ही काम करती है | यह सबको नहीं होता है, 100 में से 20 को होता है, उसमें भी यह औरत, बच्चे, और बुजुर्गो में ही ज्यादा होता है | साधारण बोल -चाल की भाषा में इसे " गाड़ी लगना " कहते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस में इसे "motion sickness " के नाम से जाना जाता है |
यह होता क्यों और कैसे है ? हमारा दिमाग पाँच ज्ञानेनद्रियों द्वारा सिग्नल प्राप्त कर फिर पूरे शरीर को संचालित करता है |आँख से देख कर, कान से सुन कर, नाक से सूघ कर, त्वचा से स्पर्श महसूस कर, जीभ से चख कर आदि .इसी सिग्नल में उलट फेर हो जाने पर हमारा दिमाग कन्फ्युज हो जाता है, और हमारे सिस्टम को उलटा -पुलटा आदेश दे देता है, जिससे सफर में घबराहट होना, चककर आना, जी मचलाना, उलटी होना, पसीने आना, मुँह सुखना आदि होने लगता है |
Motion sickness नाम से ही पता चलता है, कि जब हम motion, यानि गति में होते हैं, यानि सफर में होते हैं, तब की बीमारी |मुख्यतः हम कार, बस, ट्रेन, या जहाज से सफ़र करते हैं, सफर के दरम्यान, सफ़र करने वाला कार, बस, ट्रेन या जहाज के अन्दर बैठता है, तो उसका आँख अन्दर के वातावरण को देख कर सब कुछ स्थिर होने का सिग्नल दिमाग को भेजता है, वहीं कान के इनर पार्ट जो की सुनता और गति को महसूस करता है, वह दिमाग को गति का सिग्नल भेजता है, यही सब गड़बड़ी का कारण है, इसी से दिमाग कन्फ्युज हो जाता है, और व्यक्ति को दिक्क़त का सामना करना पड़ता है |
ऐसे में जिनको "मोशन सिकनेस "होता है, उनके लिए हमने कुछ एहतियात, कुछ घरेलू नुस्खे, कुछ होम्योपैथिक दवाई, तथा कुछ अंग्रेजी दवाई बतलाने जा रहा हूँ, अपने सुविथा अनुसार इसका इस्तमाल करके आप अपना, और अपनों का सफ़र आसान कर सकते हैं, और सफर का आनन्द उठा सकते हैं |
( एहतियात )
ऐसे व्यक्ति कभी भी खाली पेट सफ़र न करें, न ही भर पेट खाना खा कर सफर करें, सफ़र से पहले शुध्द और शाकाहारी खाना खायें, खाने में तेल-मसाले का प्रयोग कम करें, सफ़र से पहले पूरी नींद लें | कार या बस में आगे की सीट पर बैठे,और सामने देखें, जिससे की आँख जिस गति को देख रहा है , कान वही गति को महसूस करे, बगल वाली खिड़की हमेशा खोल कर रखें, ताकी ताजी हवा आपको मिलता रहे, कार या बस में सफ़र के दरम्यान किताब या मोबाईल का प्रयोग न करें | ट्रेन में सफ़र करते वक़्त चेहरा इंजन की ओर करके बैठे, खड़की वाली सीट पर बैठें,और खिड़की खुली रखें, खड़की के बाहर न देखें, अगर देखें भी तो दूर देखें, हो सके तो अपने बर्थ पर लेट कर सफ़र करें, आपको फायदा होगा |
( घरेलू नुस्खे )
भुना हुवा लॉन्ग मुँह में रखे, या अदरक का टुकड़ा मुँह में रख सकते हैं, नींबू काट कर उसके उपर काला नमक डाल कर बीच -बीच में चाटने से भी आपको फायदा होगा, इसके छिलके को बीच - बीच में सुघने में इस्तमाल कर सकते हैं, तुलसी पत्ता या पोदीना को चबाने से भी फयदा होगा, सौंफ़ का भी इस्तमाल कर सकते हैं, च्युइंगम से भी फयदा होगा, बीच - बीच में अनार के दाने खाने से भी आपको बहुत फायदा होगा|
(लेख में प्रस्तुत विचार लेखक के अपने हैं। Rajkaj.News की इन विचारों से सहमति अनिवार्य नहीं है। किंतु हम अभिव्यक्ति की स्वंत्रता का आदर करते हैं।)


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