कोटा से हंसपाल यादव की रिपोर्ट।
कोटा ग्रामीण पुलिस को बड़ी सफलता मिली हैं। हत्या के अभियुक्त को महज १२ घंटे में ही गिरफ्तार किया हैं। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने बताया कि कस्बा कैथून में मृतक सीताराम पुत्र दुलीचंद जाति राव (ढोली) उम्र 45 साल निवासी ढोटी थाना अटरू जिला बारां की हत्या के प्रकरण में अभियुक्त हेमराज पुत्र गोपाल जाति माली उम्र 45 साल निवासी टोडी मोहल्ला कैथून को शुक्रवार को गिरफ्तार किया हैं। चौधरी ने बताया कि गुरूवार रात्रि को फरियादी बलराम पुत्र राजेन्द्र जाति रावल (ढोली) उम्र 35 साल निवासी बूटासिंह कॉलोनी वार्ड नंबर 10 कैथून थाना कैथून जिला कोटा ने सीएचसी कैथून में एक लिखित तहरीरी रिपोर्ट इस आशय की पेश की, कि मेरा मामा सीताराम पुत्र दुलीचंद जाति राव (ढोली) उम्र 45 साल निवासी ढोटी थाना अटरू जिला बारां के भी करीब 5-6 वर्ष से टोडी मोहल्ला केथून में रह कर बैंड बजाने का काम करते हैं। जिनके वर्तमान में कोई पत्नी व बच्चें नहीं है। एक लड़की सोना राव हैं जो अपने ससुराल में रहती है मुझे प्रेम बाजा वाले ने फोन करके बताया कि तेरे मामा सीताराम की लाश उसके कमरे में पड़ी हैं। जिसका किसी ने मर्डर कर दिया हैं। उक्त सूचना पर मैं तुरंत टोडी मोहल्ला पहुंचा जहां सीताराम के कमरे में अंदर जाकर देखा तो मेरे मामा सीताराम की लाश चित अवस्था में कमरे में पड़ी हुई मिली। उनके शरीर से खून बह रहा है जिसके सीने, सिर, गर्दन, पेट पर खून आलूदा चोटे आई हुई हैं। मैंने उक्त घटना के संबंध में मोहल्ले के व्यक्तियों से जानकारी की तो पता चला कि मेरे मामा सीताराम का हत्या हेमराज पुत्र गोपाल जाति माली निवासी टोडी मोहल्ला कैथून ने माता जी की त्रिशूल से मेरे मामा सीताराम के ऊपर वार कर हत्या कर दी हैं।
चन्द्रलाई नदी की खाल में छुपा था अभियुक्त
अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु पारस जैन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला कोटा ग्रामीण के सुपरविजन, नेत्रपाल सिंह वृत्ताधिकारी वृत्त कोटा ग्रामीण के निर्देशन तथा महेन्द्र कुमार मारू पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी थाना कैथून के नेतृत्व में टीमें गठित कर दिशा-निर्देश दिए गए। टीमों द्वारा अभियुक्त हेमराज को कैथून व आस-पास तलाश किया तो सुराग लगा की मुल्जिम कैथून थाना क्षेत्र में चन्द्रलोई नदी के खाल में झाडिय़ो में छुपा है, जिसको डिटेन किया जाकर घटनाकारित करने के 12 घंटे के अन्दर ही प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है।
हत्या में प्रयुक्त त्रिशुल भी जप्त
अभियुक्त हेमराज व मृतक सीताराम देवीय ढोंग के काम करते थे। मुल्जिम ने बताया की मेरे शरीर में तांत्रिक किले वगैरा चुभती रहती थी, मैनें सोचा की मृतक हेमराज ने मेरे उपर तांत्रिक विधा से किले वगैरा चुबाता हैं। इसी कारण मैने 10-15 दिन पहले भी इसको समझाया था पर वो नहीं माना मेरे को शरीर से कमजोर कर रहा था तो मैने हेमराज के सोते हुऐ के माताजी घर के पास मन्दिर की त्रिशुल लेकर उसके कमरे में जाकर उसकी त्रिशुल से वार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना में प्रयोग में ली गई त्रिशुल भी जप्त कर ली हैं।


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