ब्यूरो रिपोर्ट, देश के 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने जो रफ्तार पकड़ी है, वह अब तक थमने का नाम नहीं ले रही। देश के अन्य राज्यों की तरह राजस्थान के कई जिलों में भी पेट्रोल जहां 100 के पार है वहीं डीजल भी ₹100 प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है।


 ऐसे में राजस्थान के पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और  उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल डीजल की तस्करी के मामले जोर पकड़ रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक इन राज्यों से रोजाना लगभग 16 लाख लीटर पेट्रोल डीजल की तस्करी हो रही है जिसकी कीमत लगभग 14:30 करोड़ है। यह ईंधन अलवर, जयपुर, भरतपुर, झुंझुनू, सीकर, श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर तक सप्लाई होता है। तस्करी के चलते सीमावर्ती जिलों के पेट्रोल पंप बंद होने के कगार पर है।


 वही दूसरे राज्यों की सीमाओं में नए पेट्रोल डीजल पंप खुल रहे हैं। इस तस्करी से राज्य सरकार को लगभग 100 करोड़ के राजस्व का नुकसान रोजाना हो रहा है। आपको बता दें कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में प्रदेश में सबसे महंगा पेट्रोल है। यहां पेट्रोल प्रति लीटर ₹105.73  पैसे मिल रहा है। दरअसल पेट्रोल डीजल की कीमतों में अंतर राज्य सरकारों की ओर से लगाई गई एक्साइज ड्यूटी को लेकर है।

 पंजाब में जहां पेट्रोल पर ₹24 .79 पैसे टैक्स है वही राजस्थान में ₹36 प्रति लीटर पेट्रोल पर और डीजल में ₹26 प्रति लीटर टैक्स लिया जा रहा है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, और गुजरात में टैक्स की कमी के चलते राजस्थान की तुलना में कम कीमत पर पेट्रोल डीजल उपलब्ध है और यही ईंधन की तस्करी का सबसे बड़ा कारण है।