ब्यूरो रिपोर्ट,देश में जून महीने के दौरान वैक्सीनेशन की रफ्तार कम रहने की उम्मीद है। वहीं जुलाई महीने के दौरान! टीकाकरण कुछ हद तक रफ्तार पकड़ेगा। लेकिन इसके सितंबर तक पूरे चरम पर होने के आसार नजर आ रहे हैं। 


दरअसल देश की प्रमुख वैक्सीन निर्माता कंपनियों ने आगामी तीन चार महीने के उत्पादन क्षमता की संभावना बताई है। जिसके तहत जून महीने में देश को लगभग 10 करोड वैक्सीन, जुलाई में 17 करोड़ वैक्सीन, अगस्त में लगभग 20 करोड वैक्सीन और सितंबर तक हर महीने 40 करोड वैक्सीन के उत्पादन की संभावना बताई गई है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए। 


भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन के लिए तीन कंपनियों से कॉन्ट्रैक्ट किया है। इसी तरह रूसी वैक्सीन स्पूतनिक - वी बनाने के लिए भी सात कंपनियों के साथ डील फाइनल हो चुकी है। यह कंपनियां कब कब कितने टीके डिलीवर करेगी इसकी जानकारी केंद्र को मिल गई है। उसके मुताबिक इस साल साल के आखिर तक छह और कंपनियों के टीके उपलब्ध हो जाएंगे। आपको बता दें कि देश भर में लगभग 67000 टीकाकरण केंद्र है। लेकिन टीके की कमी के चलते इनमें से 44000 वैक्सीनेशन सेंटर हफ्ते में तीन-चार दिन ही चल पाते हैं। यानी की वैक्सीन उपलब्ध होती है तो खुलते हैं, नहीं तो बंद रहते हैं।