सिरोही से गणपत सिंह मांडोली की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते भले ही राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में लॉक डाउन लगाया हुआ हो, पर सिरोही जिले में प्रशासन और पुलिस इस लॉक डाउन के नियमों को लागू करवाने में भी अमीर गरीब का भेद कर रहे हैं। प्रदेशभर में जहाँ होटल, बियर बार और स्पा सम्पूर्ण रूप से बन्द करने के आदेश हैं, वही सिरोही जिले के आबूरोड़ में धनकुबेरों की होटलें, बियर बार और स्पा धड़ल्ले से चल रहे हैं। आबूरोड़ रीको थाना क्षेत्र के मावल पुलिस चौकी के सामने स्थित तीन सितारा होटल सन रिसोर्ट में बार और स्पा खुलेआम चल रहे हैं। जब हमारी टीम को इस बात की जानकारी मिली तो हमारी टीम बोगस ग्राहक बनकर यहां पहुंची। जहां रिसोर्ट के प्रवेश द्वार पर बाकायदा रजिस्टर में एंट्री करके रिसोर्ट में प्रवेश दिया गया। रिसोर्ट के अंदर बने बार में जैसे ही हमारी टीम पहुंची, वहां का नज़ारा देखकर ही हम दंग रह गए। बार में गुजराती ग्राहकों से टेबल कुर्सियां भरी पड़ी थी। शराब के शौकीन लोग यहां पूरी मस्ती में शराब का सेवन कर रहे थे। सिर्फ पुरुष ही नही महिलाऐं भी बड़ी संख्या में इस बार में मदिरा सेवन का लुफ्त उठा रही थी। हमारी टीम ने स्टिंग ऑपरेशन कर पूरे नज़ारे को कैमरे में कैद किया। इसके बाद हमारी टीम रिसोर्ट के मुख्य रिसेप्शन पर पहुंची जहां पर होटल में मिलने वाली अन्य सुविधाओं के बारे में पूछताछ की तो हमें बताया गया कि यहां स्पा भी संचालित हो रहा हैं, जिसमें अलग अलग थैरेपी का अलग अलग चार्ज लगेगा। वहीं होटल में रूम और कॉटेज की भी सुविधा उपलब्ध हैं, और लॉक डाउन के बावजूद आप यहां अपना समर वेकेशन एन्जॉय कर सकते हैं।
सन रिसोर्ट का स्टिंग करने के बाद हमारी टीम अम्बाजी रोड़ पर स्थित होटल द हिन्द पहुंची। यहां पर भी बियर बार हमें खुला मिला। यहां पर भी आने वाले ग्राहकों को खुलेआम शराब परोसी जा रही थी। लोग बेझिझक यहां शराब का सेवन कर रहे थे। काउंटर पर खड़े सेल्समैन से पूछा तो उसने हमें निसंकोच होकर बैठने की बात कही। बोले यहां ना तो कोई पुलिसकर्मी आएगा और ना ही कोई अधिकारी। यहां नीचे से लेकर ऊपर तक सब सेटिंग हैं। हमने होटल में रूम लेने की बात कही तो हमें होटल के मुख्य रिसेप्शन पर भेजा गया। हमने मुख्य रिसेप्शन पर जाकर बातचीत की तो हमें रूम उपलब्ध करवाने सहित रूम में शराब उपलब्ध करवाने की बात कही। फिर हमने रूम के रेट अधिक होने का हवाला देकर यहां से बाहर निकले।
अब आप खुद सोचिए। जब धनकुबेरों की होटल बेरोकटोक चल रही हैं तो क्या यहां आने वाले ग्राहक क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण नही बढ़ाएंगे? क्या इन धनाढ्य सेठो की होटलों के संचालित रहने से कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने पर प्रतिकूल असर नही पड़ेगा? या फिर मध्यम वर्ग और गरीब लोगों छोटे मोटे धंधे और दुकाने बन्द करने से ही कोरोना संक्रमण रुक जाएगा? ये पुलिस और प्रशासन को भी सोचना चाहिए!! जब हमने इस पूरे मामले में आबूरोड़ रीको थानाधिकारी राण सिंह सोढ़ा से बातचीत की तो उन्होंने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि अगर ऐसा हैं तो कार्रवाई की जाएगी।





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जबर
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