प्रदेश में कोरोनावायरस के बाद तेजी से फैलती जा रही ब्लैक फंगस महामारी के इलाज को लेकर कई परेशानियां सामने आ रही है। सरकार की ओर से इसे महामारी घोषित करने के बावजूद बाजार में न तो पर्याप्त दवाएं हैं और ना ही इसके इंजेक्शन उपलब्ध है।


 हालांकि राज्य सरकार ने प्रदेश के एसएमएस परिसर में स्थित चरक भवन को ब्लैक फंगस के लिए डेडिकेटेड करते हुए यहां पर 150 बेड की व्यवस्था की है। लेकिन जहां तक दवा और इंजेक्शन का सवाल है इस मामले में अभी तक काफी मुश्किलें सामने दिखाई दे रही है। ब्लैक फंगस की दवाओं की उपलब्धता और इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं होने के आरोप को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। एडवोकेट सिद्धार्थ जैन की ओर से दाखिल की गई इस याचिका में कहा गया है कि सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी तो घोषित कर दिया लेकिन इसके इलाज की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की।



 हाई कोर्ट इस मामले में 25 मई को सुनवाई करेगा। आपको बता दें कि ब्लैक फंगस महामारी प्रदेश में तेजी से अपने पांव पसार रही है जहां पिछले सप्ताह इसके 100 मरीज सामने आए थे वही 7 दिन की अवधि में 700 से भी ज्यादा मामले सामने आ गए हैं और कई मरीजों की तो इसके इलाज के अभाव में चलते मौत भी हो गई है।

ब्यूरो रिपोर्ट!